अब तक पाकिस्तान का कोई भी वजीर-ए-आज़म पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया, लेकिन मौजूदा प्रधानमंत्री ने सेना अध्यक्ष मुनीर को पांच साल और दे दिए, जो यही दर्शाता है कि इतिहास में जितने भी फौजी तानाशाह हुए उनमें पाकिस्तान वाले सबसे जूगाडू रहे हैं.