Friday, 27 May, 2022
होमराजनीतिगुजरात भाजपा को मजबूती देने वाले केशुभाई पटेल का निधन

गुजरात भाजपा को मजबूती देने वाले केशुभाई पटेल का निधन

गुजरात के दो बार मुख्यमंत्री रहे केशुभाई पटेल 30 सितंबर को सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के दोबारा अध्यक्ष भी चुने गए थे.

Text Size:

नई दिल्ली: गुजरात के पूर्व सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल का गुरुवार को निधन हो गया. 92 वर्षीय केशुभाई को गुरुवार सुबह सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. कुछ दिनों पहले वे कोरोना संक्रमित भी हुए थे, जिसके बाद ठीक हो गए थे.

गुजरात के दो बार सीएम रहे केशुभाई 30 सितंबर को ही सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के दोबारा अध्यक्ष भी चुने गए थे.

पटेल ने 2014 में राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी.

केशुभाई पटेल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘केशुभाई ने जनसंघ और बीजेपी को मजबूत करने के लिए गुजरात की लंबी-चौड़ी यात्रा की. उन्होंने आपातकाल का विरोध किया. किसान कल्याण के मुद्दे उनके दिल के सबसे करीब थे. उन्होंने विधायक, सांसद, मंत्री और सीएम के रूप में योगदान दिया.’

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर केशुभाई को याद करते हुए उन्हें गुजरात में भाजपा मजबूती देने वाला बताया है और कहा कि वह अपने कार्य और व्यवहार से सदैव हमारी स्मृतियों में रहेंगे.

केशुभाई पटेल का जन्म जूनागढ़ में 24 जुलाई 1928 को हुआ था. 1960 के दौर में उन्होंने जनसंघ के कार्यकर्ता के तौर पर शुरुआत की थी. जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे. आपातकाल के बाद 1977 में केशुभाई राजकोट से लोकसभा के लिए भी चुने गए थे. पटेल 1978 और 1995 के बीच कलावाड़, गोंडल और विशावादार से विधानसभा चुनाव जीते.

1980 में जब जनसंघ पार्टी को भंग कर दिया गया तो वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आयोजक बने. उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव अभियान शुरू किया. उनके नेतृत्व में 1995 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी.

केशुभाई पटेल अपने दोनों मुख्यमंत्री का कार्यकाल का टर्म पूरा नहीं कर सके थे. 1995 और 1998 में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे. पहली बार मुख्यमंत्री चुने जाने के 7 माह बाद ही शंकरसिंह वाघेला के साथ हुए विवाद के कारण उन्‍हें पद से इस्‍तीफा देना पड़ा.

इसके बाद 1998 में उन्‍हें फिर से मुख्यमंत्री का पद मिला लेकिन 2001 में उन्होंने पद छोड़ दिया. भ्रष्टाचार और भुज में आए भूकंप के दौरान कुप्रबंधन के चलते उन्‍हें अपने पद से इस्‍तीफा देना पड़ा था. 2001 में उनकी जगह नरेंद्र मोदी ने सीएम पद की शपथ ली.

पीएम मोदी पटेल को अपना राजनीतिक गुरू भी मनाते हैं. पीएम बनने पर मोदी ने कहा था कि गुजरात की असल कमान केशुभाई के हाथ में ही है. पीएम ने लंबे समय तक केशुभाई के साथ काम किया. अक्सर पीएम मोदी केशुभाई का आशिर्वाद लेने भी जाते थे.

share & View comments