पश्चिमी महाराष्ट्र ने पवार का हमेशा साथ दिया है. 1999 में कांग्रेस से अलग होने के बाद शरद पवार ने अपने आप को इतना मज़बूत कर लिया था कि उनके बगैर कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी.
एग्जिट पोल के मुताबिक दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी अपनी दोबारा राज्यों में सरकार बनाती हुई नजर आ रही है. विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र में 60.46 फीसदी वोटिंग हुई,जबकि हरियाण में 65.57 प्रतिशत मतदान हुआ था.
उत्तर प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों के संदर्भ में मायावती ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा बुरा हाल है. यह स्थिति तब है जब केन्द्र और राज्य में भी एक ही पार्टी भाजपा की सरकार है.’
शाम छह बजे तक महाराष्ट्र में 60 फीसदी और हरियाणा में 65 फीसदी मतदान हुआ. चुनाव नतीजे 24 अक्टूबर को आने हैं. लेकिन अगर एग्ज़िट पोल की मानें तो दोनों ही राज्यों में भाजपा दोबारा वापसी करती हुई नजर आ रही है.
कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो वर्कशाॅप में उपस्थित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होगी. नई कमेटी के हर सदस्य को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाएगी जिसपर पदाधिकारी को रोजाना अपनी रिपोर्ट देनी होगी.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.