उस समय से जब प्रधान मंत्री मोदी, जो तब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, बिहार में अवांक्षित व्यक्ति हो गए थे, से लेकर अब का समय जब भाजपा ने बिहार विधानसभा में अपने ही एनडीए सहयोगी जद (यू) को पीछे छोड़ दिया है.
यादव पहले ही मंगलवार को लोकसभा से इस्तीफा देकर निचले सदन के अध्यक्ष ओम बिरला को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं. वह लोकसभा में आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
संवाददाता सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एवं स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे.
TPF, प्रद्योत देबबर्मा के नेतृत्व वाली TIPRA मोथा की पूर्व सहयोगी रही है. TPF की संस्थापक पताल कन्या जमातिया स्थानीय तौर पर एक जुझारू कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं. उनका यह कदम 2023 के राज्य चुनावों में बीजेपी के लिए मददगार साबित हो सकता है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?