Thursday, 27 January, 2022
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राजनीति

मेरा मोदी को संदेश है कि अटल-आडवाणी की भाजपा को बचाए रखें: यशवंत सिन्हा

सिन्हा ने कहा, यदि मोदी बोगीबील पुल के उद्घाटन का श्रेय ले सकते हैं, जिसे उन्होंने मंजूरी नहीं दी तो उन्हें एनपीए की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

पंजाब की राजनीति में पूरे साल विवादों में बने रहे नवजोत सिंह सिद्धू

आप उन्हें पंसद करें या उनसे नफरत करें, मगर उनको नजरंदाज नहीं कर सकते. किक्रेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू कभी विवादों से दूर नहीं रहे.

ये गठबंधन युग है, यहां कोई भी ‘शेर’ अकेला नहीं चलता

एनडीए से कई सहयोगी दल बिछड़ चुके हैं और जो दल गठबंधन में हैं वे साथ बने रहने के लिए बहुत निष्ठुर होकर सौदेबाजी कर रहे हैं. बीजेपी सहयोगी दलों की मांग मानने को मजबूर हो रही है.

भगवान के लिए बुलेट ट्रेन भूल जाइए और मौजूदा ट्रेनों पर ध्यान दीजिए: भाजपा नेता

बुजुर्ग भाजपा नेता और पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने प्रधानमंत्री मोदी से आम आदमी पर दया की अपील के साथ कहा, नहीं आए गरीबों के अच्छे दिन.

उत्तर प्रदेश : अपना दल की नाराजगी से भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं

अपना दल के प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा नेतृत्व को सलाह दी है कि 'वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ताजा हार से सबक लें और कार्यप्रणाली में सुधार करें.

लोकसभा चुनाव से तीन महीने पहले बड़ी तैयारी में जुटी भाजपा

भाजपा 11 और 12 जनवरी को दो दिनों का एक आयोजन करने जा रही है, जिसमें पार्टी के बड़े नेता लगभग 15 हजार जनप्रतिनिधियों और जमीनीं कार्यकर्ताओं से मुखातिब होंगे.

बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव, दोस्त बने दुश्मन, दुश्मन हो गए दोस्त

इस साल जीतनराम मांझी की पार्टी हम, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा और मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी ने राजग का साथ छोड़ा और महागठबंधन में शामिल हुईं.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस साल दूरगामी बदलाव, दो धुर विरोधी आए साथ

उत्तर प्रदश में सपा बसपा का साथ आना, शिवपाल यादव का सपा से अलग पार्टी बनाना और बाहुबली राजा भैया का पार्टी बनाना इस साल का बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम रहा.

मोदी का करिश्मा धुंधला पड़ रहा, वापसी मुश्किल: सांसद पीडी राय

सिक्किम के सांसद पीडी राय की पार्टी सिक्किम डेमाक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल है.

जब संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार गूंजी थी हिंदी

आज से 41 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में बोलने का फैसला किया. वे उस समय मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्री थे.

मत-विमत

यमन के कमजोर बागी विश्व अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बने और साबित किया कि फौजी ताकत की भी एक सीमा होती है

ईरान और सऊदी अरब अब बातचीत कर रहे हैं लेकिन जंग के जिन्न को वापस बोतल में बंद करने में शायद बहुत देर हो चुकी है. यमन में सत्ता के दलाल अपने दबदबे के लिए हिंसा पर ही निर्भर हैं.

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राजनीति

देश

इमेजिन मार्केटिंग ने सेबी के पास अपने आईपीओ के लिए दस्तावेज जमा कराए

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड बोट के मालिकाना हक वाली इमेजिन मार्केटिंग ने अपने 2,000 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजानिक...

लास्ट लाफ

भारत के गरीब अब भी VIPs को सहन कर रहे हैं और डॉ अंबेडकर का मैकाले के भूत से जुड़ा एक सवाल है

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सबसे अच्छे कार्टून्स.