नई दिल्ली: बीजेपी के सम्राट चौधरी को मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर चुना गया, जिससे वह इस पद पर पहुंचने वाले बीजेपी के पहले नेता बन गए.
57 साल के चौधरी बुधवार को शपथ लेंगे. यह घोषणा मौजूदा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने की.
मंगलवार को चौधरी को बिहार में बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. बिहार के लिए बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पटना में इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
इससे कुछ घंटे पहले जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनका कार्यकाल खत्म हुआ जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 10 बार शपथ ली थी. कुमार ने नई सरकार को “पूरा समर्थन और मार्गदर्शन” देने का वादा किया.
कुमार ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मिलने के बाद X पर अपने इस्तीफे की घोषणा की.
“हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है. इतने लंबे समय से हम लगातार लोगों की सेवा कर रहे हैं. मैंने मुख्यमंत्री पद से हटने का फैसला किया था. इसलिए आज कैबिनेट बैठक के बाद मैंने माननीय राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे दिया,” कुमार ने कहा.
“अब यहां नई सरकार काम करेगी. नई सरकार को मेरा पूरा समर्थन और मार्गदर्शन रहेगा. आगे भी अच्छा काम जारी रहेगा और बिहार आगे बढ़ेगा,” कुमार ने जोड़ा.
बिहार हिंदी भाषी क्षेत्र का वह अकेला राज्य था जहां बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री कभी नहीं रहा. बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन—और बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के अंदर कुमार की सेहत और शासन को लेकर बढ़ती चिंताओं—की वजह से बीजेपी नेतृत्व ने उनसे पद छोड़ने को कहा.
कुमार ने पहली बार मार्च में मुख्यमंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, जब उन्होंने राज्यसभा जाने की भी इच्छा जताई थी. उन्होंने 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ ली.
राजनीतिक विरोधियों द्वारा ‘पलटू राम’ कहे जाने वाले कुमार—जो उनके बार-बार पक्ष बदलने पर तंज है—पिछले कई हफ्तों से एनडीए नेताओं को असमंजस में रखे हुए थे क्योंकि उनके पद छोड़ने की अटकलें बढ़ रही थीं.
मंगलवार को अपने विदाई बयान में कुमार ने बिहार में एनडीए के दो दशक के कार्यकाल को याद किया.
“आप जानते हैं कि 24 नवंबर 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी. तब से राज्य में कानून का राज कायम हुआ और हम लगातार विकास कार्यों में लगे रहे. सरकार ने शुरू से ही समाज के सभी वर्गों—चाहे हिंदू, मुस्लिम, ऊंची जाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, दलित या महादलित—सभी के लिए काम किया,” उन्होंने कहा.
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि में हुए काम का जिक्र करते हुए कुमार ने 2025 से 2030 तक के लिए 7 निश्चय-3 योजना को रोडमैप बताया.
“महिलाओं और युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है. हाल के समय में इस काम को और आगे बढ़ाया गया है. अगले पांच साल यानी 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 की रूपरेखा बनाई गई है. इससे और ज्यादा काम होगा और बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा,” उन्होंने कहा.
उन्होंने खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया.
“केंद्र भी बिहार के विकास में पूरा सहयोग दे रहा है. इसके लिए हम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को नमन करते हैं. बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के शीर्ष राज्यों में शामिल होगा, जिससे देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा,” कुमार ने कहा.
कुमार 2015 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री रहे, बीच में एक छोटे समय के लिए जब जीतन राम मांझी इस पद पर थे.
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