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Sunday, 26 April, 2026
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उच्च शिक्षा में आरक्षण विधेयक का पास होना संविधान की जीत

पिछली सरकार के दौरान यूजीसी ने हड़बड़ी दिखाते हुए आरक्षण विरोधी 13 प्वाइंट रोस्टर को लागू कर दिया था. जनांदोलनों के बाद मौजूद सरकार ने उसे खारिज करने का कानून पास कर दिया है.

हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्राएं कराने वाली कंपनियां तबाह क्यों?

तेजी से बढ़ रहे भारतीय बाजार पर कब्जा जमाने के लिए विमान कंपनियां आपस में गलाकाट प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. और ये ऐसे समय में हो रहा है, जब अर्थव्यवस्था के ज्यादातर क्षेत्र मंदी का सामना कर रहे हैं.

सरकारों की बेरुखी के कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी मॉब लिंचिंग रोकने में नाकाम

हाल की घटनाओं से ऐसा लगता है कि राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में जहां केन्द्र ने इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है वहीं राज्य सरकारों का रवैया भी ढुलमुल रहा है.

आख़िर क्यों बांग्लादेश के ख़िलाफ़ आसान मैच हो गया टीम इंडिया के लिए सबसे मुश्किल

फिलहाल भारतीय टीम के खाते में 5 जीत है और बांग्लादेश के खाते में 3, लेकिन ये भी सच है कि बांग्लादेश की टीम ने इस विश्व कप में कमाल की क्रिकेट खेली है.

ओबीसी के बंटवारे को भूल जाइए, बीजेपी ने बदल लिया रुख

बीजेपी अब तक जिन ओबीसी जातियों पर पूरा ओबीसी आरक्षण खा लेने का आरोप लगाती थी, उनमें से लगभग सभी जातियां बीजेपी को वोट देने लगी हैं. ऐसे में ओबीसी का बंटवारा करके बीजेपी इनका समर्थन क्यों खोना चाहेगी?

अरुण जेटली ने जीएसटी के दो साल पूरा होने पर ब्लॉग लिखकर बताई इसकी कामयाबी

पूर्व वित्तमंत्री ने कहा- अपनी राजनीतिक परिस्थितयों के बावजूद राज्यों के वित्तमंत्रियों ने उच्च स्तर की राजनीतिक जिम्मेदारी और परिपक्वता के साथ काम किया.

आर्टिकल-15 लागू कराने के लिए एक आईपीएस क्यों चाहिए, क्या कहते हैं आंबेडकर

आर्टिकल-15 की सबसे बड़ी समस्या ये है कि यह फिल्म जाति समस्या का समाधान संविधान में देखती है. लेकिन क्या संविधान या कोई भी कानून दो लोगों या समूहों के बीच भाईचारा स्थापित कर सकता है?

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन की मारामारी का क्या हो सकता है इलाज

डीयू में अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला दिलवाना है तो एक पहल करनी होगी. उसके बाद यहां पर हर कॉलेज में सीटों में भारी बढ़ोत्तरी हो जाएगी.

वह कानून जिसकी वजह से बच्चे नहीं छीन सकते बुजुर्ग माता-पिता का हक

संपन्नता की सीढ़ियों पर आगे बढ़ रहे पुत्र-पुत्रियों, बहुओं और दामादों के आचरण के कारण आज घर की चारदीवारी के भीतर के विवाद अदालतों में पहुंचने लगे हैं.

क्या बहुजन समाज कभी शासक बन पायेगा ?

सदियों से शोषण करने वाला और शोषित समुदाय अब सब भूलकर एक साथ थे. मीडिया, समाचार पत्र और शैक्षिक प्लेटफार्माें पर प्रशंसा कम और आलोचना ज्यादा हुई.

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राइटिंग्स ऑन दि वॉल—नक्सलबाड़ी की क्रांति से ‘विनर्स’ तक: बंगाल की नई इबारत

पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.

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राजनीति

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भाजपा ने भवानीपुर में मेरी रैली को बाधित किया: ममता बनर्जी

(तस्वीरों के साथ) कोलकाता, 25 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली में अपना भाषण...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.