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Saturday, 25 April, 2026
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आर्टिकल 15 में आपको वो लोग दिखेंगे जो होते तो आपके सामने हैं लेकिन ‘दिखाई’ नहीं देते

जब आप फिल्म देखेंगे तो पता चलेगा कि दलित नेताओं संग ऐसा क्या-क्या होता है कि उनकी कहानियां मुख्यधारा का हिस्सा नहीं बन पातीं या शुरू होते ख़त्म हो जाती हैं.

आर्टिकल 15: जाति से मुक्त हो जाने पर भी औरतों को लड़ाई अलग से ही लड़नी पड़ेगी

फिल्म में पुरुष लड़ते हैं और पुरुष जीतते हैं, हारते हैं. औरतें पीड़ित होती हैं और पीड़ित का चेहरा लिए घूमती रहती हैं. उनके लिए कोई जगह नहीं होती.

एजबेस्टन के ग्राउंड पर भारत का बेहतरीन रिकार्ड इंग्लैंड के लिए और भी मुश्किल

विश्व कप जब शुरू हुआ था, तब इंग्लैंड दुनिया की नंबर एक वनडे टीम थी. बीच टूर्नामेंट में भारत ने उससे ये पायदान छीन लिया.

‘हार्वर्ड’ के अर्थशास्त्रियों को नौकरी पर रखने में कोई हर्ज़ नहीं पर उनकी सुनिए भी तो मोदी जी

जब देश की आर्थिक वृद्धि दर गिर रही हो और अर्थव्यवस्था के बड़े क्षेत्रों में हर तरफ से चुनौतियां हमलावर हों तब आला अर्थशास्त्रियों का विदा लेना देश के लिए घातक ही है.

बसपा में आनंद कुमार का विकल्प कौन हो सकता था?

बसपा के पास क्षमतावान नेताओं की एक पूरी कतार थी. उनमें से कई लोग अब पार्टी में नहीं हैं. इसके बावजूद कुछ क्षमतावान लोग अब भी हैं, जो बीएसपी को आगे ले जा सकते हैं.

आखिरकार बंगाली मुसलमान ममता की तुष्टिकरण की राजनीति का विरोध करने लगे हैं

शायद अब ममता बनर्जी जैसे राजनीतिज्ञ भी मुसलमानों को दुधारू गाय से अधिक, मनुष्यों के रूप में देखना सीख जाएं.

स्वास्थ्य सेवाएं: देश में तमिलनाडु और पड़ोस में बांग्लादेश से सीखिए

गोरखपुर या मुजफ्फरपुर में जितनी मौते हुई हैं या हो रही हैं, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिलकुल कमजोर है. उनके पास प्राइवेट सेक्टर में इलाज करा पाने का विकल्प ही नहीं है.

भाजपा-कांग्रेस एकमत है कि मोदी अपराजेय हैं, लेकिन पुरानी राजनीति को नए विचार का इंतज़ार

1984 में दो सीटों पर सिमटने वाली आडवाणी की भाजपा ने वापसी की है. कांग्रेस 52 सीटों के साथ लड़ाई को कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, पीआईएल योद्धाओं पर छोड़ कर भाग रही है.

ये जाति की राजनीति का अंत है या फिर जाति और धर्म के कॉकटेल की शुरुआत 

क्या वाकई भाजपा के नेतृत्व में जातिवाद की राजनीति खत्म हुई है, या फिर जातीय राजनीती इस आम चुनाव में किसी और रूप में प्रकट हुई है.

प्रकृति पर रईसी की ऐसी धौंस का अंत कहां?

हाल ही में औली में इन ‘बंधुओं’ (अजय व अतुल) के दो बेटों की शादियां संपन्न हुईं, इन शादियों की गुप्ता बंधुओं से ज्यादा कीमत औली और उसके पर्यावरण को चुकानी पड़ी है.

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राइटिंग्स ऑन दि वॉल—नक्सलबाड़ी की क्रांति से ‘विनर्स’ तक: बंगाल की नई इबारत

पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.

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गुजरात में आप के सोशल मीडिया खातों को निलंबित करवाने के पीछे भाजपा का हाथ : संजय सिंह

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने शनिवार को भाजपा पर गुजरात में पार्टी के फेसबुक...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.