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Friday, 17 April, 2026
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मोदी सरकार की 6 ट्रिलियन रु. की मौद्रीकरण योजना खतरों के बीच ख्वाब देखने जैसा क्यों है

पिछली भयानक गलतियों, अधूरे लक्ष्यों, कमजोरियों, और कलंकित पूंजी के स्पष्ट प्रभाव के मद्देनजर देश को एक और घपला ही हाथ लग सकता है.

अफगानिस्तान में गलत घोड़े पर दांव लगाने के बाद भारत की रणनीतिक पहल ठंडी पड़ी

अफगानिस्तान में भारत की पहल रणनीतिक विकल्पों के अभाव से ज्यादा कट्टरपंथी तालिबान और उसके गुरु पाकिस्तान की जीत से पैदा हुई खीज़ से उपजी है.

काबुल ने बाइडन को भेड़ की खाल में छुपा भेड़ साबित किया, यूरोप, भारत और क्वाड उनके रुख से हैरत में है

अफगानिस्तान पर जो बाइडन को देखने के बाद क्वाड क्या अमेरिकी सहयोगियों की फैंसी नौसेना परेड के अलावा कुछ है?

गेल ओमवेट ने सिर्फ ब्राह्मणवादी नजरिए की घुट्टी पी रहे विश्व समुदाय को जातियों के सच से अवगत कराया

ओमवेट बौद्धिक और सामाजिक मोर्चों पर सक्रिय उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती थीं, जो जाति आधारित उत्पीड़न से लड़ने के लिए विविध विचारधाराओं का उपयोग करती थी, वे बहुजन समाज की भरोसेमंद साथी थीं.

चाहे आप आरक्षण के पक्ष में हों या विपक्ष में- जाति जनगणना जरूरी है

अगर जाति जनगणना का समर्थन राजनीति है तो फिर इस जनगणना का बीजेपी का अभी का विरोध भी राजनीतिक है.

कोविड की दूसरी लहर से मोदी-शाह की BJP ने कोई सबक नहीं सीखा, जन आशीर्वाद यात्राएं इसका सबूत हैं

देश के 22 राज्यों में जारी 'जन आशीर्वाद यात्राओं' में मोदी के 39 मंत्री भाग ले रहे हैं, इसे कोविड महामारी की तीसरी लहर को आगे बढ़कर बुलावा देने के सिवा और क्या कहा जाएगा?

क्या जाति आधारित जनगणना के लिए विपक्ष के दबाव के आगे झुकेगी मोदी सरकार

जनगणना के संबंध में 1951 से ही नीतिगत मामले के रूप में जाति आधारित जनगणना समाप्त कर दी गयी है. तब से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा किसी अन्य जाति की गणना नहीं की गयी है.

मुल्ला बरादर जैसे तालिबानी नेताओं को कश्मीर में कोई दिलचस्पी नहीं है

अगले कुछ समय तक तो तालिबानी नेतृत्व हिसाब बराबर करने, मंत्री पद हथियाने और संभावित चुनौतियों से निपटने में इतना मशरूफ रहेगा कि उसे भारत की तरफ नज़र डालने की फुरसत नहीं रहेगी.

अमित शाह की लोकप्रियता में इजाफा नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए क्यों चिंताजनक है

हिंदुत्व की नीतियों को लागू करने के कारण अमित शाह की एक शक्तिशाली, कट्टर और तानाशाहीपूर्ण छवि बनी है. इस छवि के मद्देनजर शाह को प्रधानमंत्री के रूप में पसंद करने वालों की संख्या में इजाफा होना विचारणीय है.

अयोग्य राष्ट्रपति, अस्पष्ट नीति: बुश से लेकर बाइडन तक, अमेरिका के ‘वर्चस्व’ पर खतरा मंडराने लगा है

अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी उसी कड़ी का हिस्सा है जिसमें उसने सीरिया के गृहयुद्ध में बेवजह दखल देकर और इराक में सद्दाम को बेदखल करने के बाद सत्ता के घरेलू ढांचे को ध्वस्त करके दोनों जगह मुंह की खायी.

मत-विमत

नक्सलवाद से पश्चिम बंगाल की लड़ाई पुलिस एक्शन तक ही सीमित नहीं थी

मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.

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दिल्ली : मौसम विभाग ने जारी किया ‘येलो अलर्ट’, हल्की बारिश की संभावना

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) दिल्लीवासियों को शुक्रवार को तापमान में बढ़ोतरी के बीच असामान्य रूप से बादलों से घिरा हुआ आसमान देखने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.