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Saturday, 18 April, 2026
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गांधी ने जिस नोआखली को सांप्रदायिक हिंसा से बचाया, वो आज फिर क्यों जल रहा है

मंदिरों और हिंदू घरों को जिस तरह तोड़ा व जलाया जाता रहा है, इससे फिलहाल तो यही लग रहा है कि बांग्लादेश सरकार हिंसा की ऐसी क्रूर घटनाओं को थामने में कमजोर साबित हो रही है.

सर सैय्यद की महानता का मिथक: साम्प्रदायिक आधार पर अलग प्रतिनिधित्व की आवाज उठाकर द्विराष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी

यह सर्व विदित है कि सर सैयद ने सर्व प्रथम साम्प्रदायिक आधार पर अलग प्रतिनिधित्व की आवाज उठाकर द्विराष्ट्र सिद्धांत की नीव रखी जिस पर मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल ने पाकिस्तान की इमारत का निर्माण किया.

राहुल गांधी के हाथों में पार्टी की कमान क्यों कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए माकूल साबित हो सकती है

फिलहाल तो भरोसे से यही कहा जा सकता है कि कार्यसमिति की पिछली बैठक के बाद ‘जी-21’ (जितिन प्रसाद और वीरप्पा मोइली की रवानगी के बाद) मुकाबला हार गया है लेकिन जंग जारी रहेगी.

मोदी सरकार बहाने न बनाए, वैश्विक भूख सूचकांकों में फिसलन की चेतावनी सुने और जागे

दूसरी ओर गैरबराबरी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते किसी गरीब देशवासी के विकल्प इतने सीमित हो गये हैं कि उसकी समस्या है कि वह खाये तो क्या खाये और किसी अमीर के पास इस सीमा तक सब कुछ भरा पड़ा है कि वह समझ नहीं पाता कि क्या-क्या खाये.

सावरकर की महानता सिर्फ बीजेपी ने ही नहीं, कांग्रेस ने भी स्थापित की है

ये ऐतिहासिक तथ्य है और इस पर इतिहासकारों के बीच कोई विवाद नहीं है कि अंडमान की सेल्युलर जेल में रहते हुए सावरकर ने 1911 से 1924 के बीच अंग्रेज अधिकारियों को 5 माफीनामा लिखे.

भारतीय अर्थव्यवस्था में त्योहारों के उत्साह का माहौल है, उम्मीद है यह कायम रहेगा

निरंतर तेज आर्थिक वृद्धि की जो उम्मीद वित्त मंत्री जता रही हैं वह कितनी वाजिब है? सरकारी कार्यक्रमों से कुछ गति आ सकती है लेकिन व्यापक अर्थव्यवस्था के आंकड़े बहुत उत्साहवर्द्धक नहीं हैं.

सावरकर की दया याचिका में गांधी को मत फंसाइए. आर्काइव्ज़ दावे का समर्थन नहीं करते

सावरकर बंधुओं की आज़ादी के लिए गांधी के प्रयासों पर सवाल उठाए गए, जब उन्होंने 1937 में सावरकर की रिहाई के लिए, याचिका पर दस्तख़त नहीं किए.

मोहन भागवत सही कह रहे- चीन एक बड़ा खतरा है, लेकिन उससे निपटने का उनका फॉर्मूला गले नहीं उतर रहा

भारत चीन से लड़ सकता है मगर इसके लिए देश में शांति और स्थिरता चाहिए, चुनाव जीतने के लिए एनआरसी जैसे पुराने विवादों को भड़का कर या हिंदू-मुसलमान ध्रुवीकरण करके चीन से मुक़ाबला नहीं किया जा सकता शेखर गुप्ता

सेना में महिलाओं की बढ़ती संख्या के साथ यौन शोषण के बढ़ते मामलों की अनदेखी नहीं की जा सकती, चुप्पी नहीं साध सकते

सेना में महिलाओं को शामिल करने को लेकर आम लोगों और फौजी बिरादरी की चिंता यह होती है कि दुश्मन उनका यौन उत्पीड़न और बलात्कार कर सकता है, मगर अपने सहकर्मियों का क्या किया जाए?

मुस्लिम सांप्रदायिकता, तालिबान और देवबंदी विचारधार से उसका संबंध

तालिबान पाकिस्तान में स्तिथ इन्ही देवबंदी मदरसों से निकले हुए पठान जाति के लोग हैं जिनकी विचारधारा पूरी तरह से कट्टर देवबंदी है

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नक्सलवाद से पश्चिम बंगाल की लड़ाई पुलिस एक्शन तक ही सीमित नहीं थी

मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.

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दिल्ली के सीआर पार्क में धन संबंधी विवाद को लेकर पिता-पुत्र की चाकू से हमला कर हत्या

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क इलाके में शुक्रवार को धन लेन-देन संबंधी विवाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.