कई प्रजातंत्र मानते हैं कि गंभीर अपराधों के मामले में कानूनी निगरानी बहुत जरूरी है. लेकिन भारत की कार्यपालिका जैसी अबाधित शक्तियां बहुत कम लोकतंत्रों को ही प्राप्त हैं.
हमारी राजनीतिक अर्थव्यवस्था के लिए संदेश यही है कि यह वित्तीय ज़िम्मेदारी को समझने वाली सरकार है, जो लंबा खेल खेल रही है. अगर आप 2022 की जगह 2024 को ध्यान में रखकर देखेंगे तो हां, यह एक चुनावी बजट नज़र आएगा.
दावा कर रहे हैं कि वे योगी को चुनाव हराकर गोरखपुर के लोगों द्वारा 1971 में बनाये गये उस इतिहास को दोहरा देंगे, जो उन्होंने जिले की मानीराम सीट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिभुवन नारायण सिंह को करारी शिकस्त देकर बनाया था.
बीएन मंडल ने कहा था- जिस ढंग से इंदिरा गांधी समाजवाद का नारा देकर देश में काम कर रही हैं, ऐसी परिस्थिति बन रही है कि जनतंत्र खत्म होगा और इनकी तानाशाही कायम होगी.
कुछ लोगों को इस बार पंजाब का चुनाव ‘मंडलवादी’ रूप लेता दिख रहा है, तो कुछ लोग जट्ट सिखों के रुझान को लेकर असमंजस में है और कुछ को हिंदू वोट बैंक पर भरोसा नहीं जम रहा है.
अरबिन्दो की सहयोगी मीरा अल्फासा (दि मदर) ने ओरोविल की स्थापना 1968 में की थी. इसके अंदरूनी क्षेत्र में क्राउन रोड का निर्माण होगा. जिसमें 1,50,000 पेड़, झाड़ियों के कटने और जलमार्ग के नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है.
1991 में उदारीकरण की दस्तक के बाद सब-कुछ बदल गया. निजी न्यूज चैनलों की बाढ़ आ गई और न सिर्फ वे अपनी टीआरपी बल्कि अखबार भी चुनाव सर्वेक्षणों का अपनी प्रसार संख्या बढ़ाने में इस्तेमाल करने लगे.
दिल्ली में इंडिया गेट से लेकर नेशनल वार मेमोरियल तक के पूरे क्षेत्र को शहीद हुए हमारे सैनिकों के सम्मान में ‘अमर जवान पार्क’ के रूप में समर्पित किया जा सकता है.
ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.