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Wednesday, 22 April, 2026
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बेरोजगारी से परेशान होकर आंदोलन करने को मजबूर, देश का युवा इतना बेचैन क्यों है?

बिहार के कई शहरों में और पड़ोसी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रेलवे भर्ती में हुई गड़बड़ियों को लेकर जिस प्रकार की हिंसा हुई उसे कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता. हिंसा की सदैव निंदा होनी चाहिए. हुई भी, लेकिन ये समय यह समझने का भी है कि आखिर ये नौबत क्यों आई?

आखिर एयर इंडिया की बिक्री पर टाटा और सरकार, दोनों जश्न क्यों मना रहे हैं

एयरलाइन पर कर्ज के भारी बोझ के मद्देनजर सरकार इस बिक्री को अपनी जीत मान सकती है, तो टाटा इसके कारण अपने घाटे में तेजी से कमी और राजनीतिक हमलों से निजात पाने की उम्मीद कर सकती है

गांधी के सत्याग्रह को पैसिव रेज़िस्टेंस कहना कितना उचित

गांधी को अपने 'सत्याग्रह' के विषय में पूर्ण एवं दृढ़ विश्वास था कि उनका यह आंदोलन सकारात्मक एवं शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित होने के कारण 'पैसिव रज़िस्टेंस' बिल्कुल भी नहीं था.

देश में बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी के बजाय जिन्ना-पटेल पर हो रही राजनीति भारत के लिए खतरनाक होगी

उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवा नाराज हैं और योगी उन्हें जिन्ना और सरदार पटेल के बीच चुनने का जो विकल्प पेश कर रहे हैं वह उनसे ‘रोटी नहीं है तो केक खाओ’ कहने जैसा ही है.

दो मंदिर आंदोलनों की टक्कर- उत्तर भारत में सामाजिक न्याय के शून्य को भरने की स्टालिन की पहल

बीजेपी ने राष्ट्रीय राजनीति को सफलतापूर्वक हिंदू बनाम मुसलमान और सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई में सीमित कर दिया है. विपक्ष भी इस खेल में फंस गया है.

बाल काटना, शॉपिंग करना या सफाई करना… इम्पल्स में आकर ऐसा क्यों करती हैं महिलाएं

पिछले दिनों जब बेहद हताश महसूस कर रही थी तो मैं शॉपिंग के लिए निकल गई और मैंने ऐसी कई चीजें खरीद ली जिन्हें शायद मैं कभी इस्तेमाल न करूं लेकिन मुझे ऐसा करके थोड़ा बेहतर महसूस हुआ

UP चुनाव में अब छवि का खेल, योगी ‘बाबा, महंत और गोरखनाथ’ हैं तो अखिलेश ‘बदलाव के प्रतीक’

भाजपा के असर की कुंजी है ‘मोदी-योगी एक ही है’ जबकि अखिलेश की छवि परिवर्तकारी युवा नेता की.

ज़मीन खो रहे हैं इमरान खान, फिर छिनने जा रही है किसी की कुर्सी

पाकिस्तान में एक तमाशा चल रहा है. इमरान ख़ान का सूरज ढल रहा है, जबकि नवाज़ शरीफ एक मुर्दा तेंदुए पर रोना-पीटना मचाए हैं.

नेताओं और राजनयिकों ने कई कोशिशें की लेकिन अब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत की जरूरत     

पाकिस्तान में सेना ही सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी है. भारत में उसे समझने वाला कोई महकमा है तो वह भारतीय सेना ही है. वही है जिसके साथ पाकिस्तानी फौज बैठेगी और जिसकी बात सुनेगी.

यमन के कमजोर बागी विश्व अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बने और साबित किया कि फौजी ताकत की भी एक सीमा होती है

ईरान और सऊदी अरब अब बातचीत कर रहे हैं लेकिन जंग के जिन्न को वापस बोतल में बंद करने में शायद बहुत देर हो चुकी है. यमन में सत्ता के दलाल अपने दबदबे के लिए हिंसा पर ही निर्भर हैं.

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अमेरिका अब तक ईरान को क्यों नहीं हरा पाया? क्योंकि ट्रंप कम खर्च में जीत हासिल करना चाहते हैं

ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.

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अलीगढ़ में निर्माणाधीन घर में मिला कारोबारी का शव, दो लोग हिरासत में लिये गये

अलीगढ़ (उप्र), 21 अप्रैल (भाषा) अलीगढ़ जिले के क्वार्सी क्षेत्र में मंगलवार शाम को एक गांव में एक निर्माणाधीन घर से एक स्थानीय...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.