देखना है कि जन-प्रतिनिधित्व कानून की धारा 61-ए के तहत ईवीएम के इस्तेमाल के बाद अब अचानक इस प्रावधान की संवैधानिकता के सवाल पर उच्चतम न्यायालय क्या रुख अपनाता है और अगर वह विचार करने का निश्चय करता है तो उसकी क्या व्यवस्था होगी.
गणतंत्र की प्राणवायु यानी विचार अब खर्च हो गए हैं. इक्कीसवीं सदी में गणतंत्र को बचाने के लिए बीसवीं सदी की विरासत का संयोजन और संशोधन करते हुए एक नई विचारधारा को गढ़ना होगा.
उग्र जातिवादियों के लिए ये तस्वीरें जाति की सर्वोच्चता के संकेत, तो उदार जातिवादियों को यह रक्षक होने एहसास देती हैं, जो उनमें नैतिक बड़प्पन का भाव जगाता है.
लोकतंत्र और गणतंत्र कमजोर ढांचे होते हैं जिन्हें निरंतर निगरानी और साज-संभाल की जरूरत होती है क्योंकि वे मामूली कुत्सित हस्तक्षेपों से भी आसानी से ध्वस्त हो सकते हैं.
ऐसा लगता है कि हथियारों के लिए आयात पर भारत की निर्भरता अभी बनी रहेगी, और यह अपनी सैन्य शक्ति को स्वरूप प्रदान करने की उसकी क्षमता को बाधित करती रहेगी.
भाजपा के संगठन और सत्ता ढांचे में महिलाओं को बेहद कम प्रतिनिधित्व हासिल है, भले ही प्रधानमंत्री मोदी ‘उज्ज्वला’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे महिला-केंद्रित सरकारी कार्यक्रमों की दुहाई देते रहे हों. पिछले 41 वर्षों में इसके जो 41 अध्यक्ष बने उनमें एक भी महिला नेता नहीं थीं.
इस चुनाव में प्रभावी तरीके से जोर अजमाइश के लिए तथा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए मायावती ने अभी तक यूपी के सभी जिलों में ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ कर चुकी हैं.
ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.