नब्बे के दशक में नेहरू-निंदा काफी चलन में रही, खासकर वामपंथी वर्चस्व वाली शैक्षिक-सांस्कृतिक दुनिया में. मुझे यह इसलिए मालूम है कि मुझे उन शिक्षकों ने पढ़ाया, जो नेहरू के शहरीपन, तर्कवाद, और धर्मनिरपेक्षता को खतरनाक रूप से ‘अ-भारतीय’ बताकर एक सिरे से खारिज करते थे .
शेयर बाजार से सबसे ज्यादा पैसा बनाने वाले राकेश झुनझुनवाला को दो दशक पहले ही भरोसा हो गया था कि भारतीय अर्थव्यववस्था और शेयर बाज़ार में जबरदस्त उछाल आने वाला है.
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि तमाम सेवानिवृत्त और सेवारत जनरल उनकी सत्ता के प्रति संपूर्ण वफादारी का प्रदर्शन करें लेकिन हुआ इसका ठीक उलटा.
दिल्ली पुलिस द्वारा बरामद अवैध पिस्तौलों के मामलों की एक स्टडी में भी यह निष्कर्ष निकला था कि हथियार डीलर और लाइसेंसशुदा हथियारधारी के एक-एक कारतूस का पूरा/पुख्ता हिसाब लिया जाना चाहिए है.
सीएमआईई के उपभोक्ता भावना सूचकांक और रिजर्व बैंक के उपभोक्ता विश्वास सूचकांक में जुलाई में स्पष्ट सुधार वर्तमान स्थिति, अपेक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का एक आकलन प्रस्तुत करते हैं.
मामले के 11 हत्यारों और बलात्कारियों को माफ करने का गुजरात सरकार का फैसला प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं की सुरक्षा के बारे में जो कुछ कहते रहे हैं उसका मज़ाक उड़ाता है.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.