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Tuesday, 31 March, 2026
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जयशंकर का अमेरिकी दौरा क्या भारत के प्रति बाइडन की उदासीनता को खत्म कर पाएगा?

अमेरिका की नाखुशी अपना असर दिखा रही है. बढ़ती उदासीनता प्रकट हो रही है, मसलन भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत के मामले में.

SCO में मोदी-शी ‘शीतयुद्ध’ से इसके सदस्यों के बीच तनाव उजागर हुआ, भारत अपने दम पर आगे बढ़े

मध्य एशिया पर दबदबा कायम करने के लिए चीन-रूस के बीच सत्ता संघर्ष भारत के लिए कई अवसर जुटाएगा, इसलिए उसे 2023 में एससीओ की अध्यक्षता का पूरा लाभ उठाने के लिए हालात पर नज़र रखना होगा.

मोदी का रिफॉर्म, आम्बेडकर के आदर्श – मूल प्रस्तावना को वापस लाने पर बहस करने का समय आ गया है

नई किताब 'आम्बेडकरऔर मोदी' के विमोचन के मौके पर 12 साल पहले, मोदी की संविधान यात्रा को याद करना जरूरी है.

आप भाजपा का बेझिझक एक और आलसी संस्करण है

ईमानदारी के उसके तमाम दावों के बावजूद, ‘आम आदमी पार्टी’ की पहचान-मुक्त पहचान और कुछ भले हो मगर प्रामाणिक नहीं है.

केजरीवाल गुजरात और हिमाचल में जिस ‘दिल्ली मॉडल’ का वादा कर रहे हैं, वो पंजाब में नजर क्यों नहीं आ रहा?

अगर भाजपा के पास गुजरात मॉडल है तो आप के पास दिल्ली मॉडल. लेकिन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वीडियो क्लिप लीक मामले से पता चलता है इसमें कुछ समस्या है.

मध्य एशिया में भारतीय हिंदू व्यापारियों की कहानी बताती है कि चीन के मुकाबले के लिए बिजनेस को आगे रखना होगा

समरकंद, बुखारा, ताशकंद में सदियों पहले भारतीयों ने एक मामूली तरीके से अपनी तकदीर बनाई थी— मध्य एशिया के उपभोक्ताओं को जो भी चाहिए वह उन्हें बेच कर.

देर से अपनाने के बावजूद ग्रीन इकॉनमी की ओर मुड़ना भारत के लिए फायदेमंद क्यों है

जलवायु परिवर्तन के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व बाढ़ के चलते नुकसान में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है, यह बताता है कि बदलाव क्यों जरूरी हो गया है.

यूक्रेन में रूस की हार के चार मायने- एक का भारत पर सबसे अधिक असर

भारतीय विदेश नीति के लिए कमज़ोर रूस के मिले-जुले मायने हैं: वो बीजिंग के प्रति अधिक आभारी हो सकता है, लेकिन इंडो-पैसिफिक में चीन को उसका समर्थन कोई ख़ास मायने नहीं रखेगा.

ज्ञानवापी मामले ने धर्म की राजनीति को फिर जगाया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के साथ खत्म करना चाहा था

सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के फैसले में कहा था कि देश में सभी उपासना स्थलों की रक्षा का कानूनी और संवैधानिक दायित्व सरकार का है, लेकिन मथूरा और वाराणसी की अदालतों ने अलग राह पकड़ी.

पीपी-15 पर न युद्ध है, न शांति मगर देप्सांग, चार्डिंग-निंग्लुंग नाला में चीन बड़े दावे कर सकता है

सुमदोरोंग चू में टक्कर के बाद पुरानी स्थिति की बहाली में नौ साल लगे थे, पीपी-15 से सेनाओं की वापसी में 13 महीने लगे यानी चीन के साथ सीमा संबंधी वार्ता एक लंबी और दुष्कर प्रक्रिया होती है.

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दिल्ली: देर रात अलग-अलग मुठभेड़ के बाद दो वांछित अपराधी गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के डाबरी इलाके में हुई चाकूबाजी की घटना और इसी तरह के अन्य हमलों के मामले में...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.