मध्य एशिया पर दबदबा कायम करने के लिए चीन-रूस के बीच सत्ता संघर्ष भारत के लिए कई अवसर जुटाएगा, इसलिए उसे 2023 में एससीओ की अध्यक्षता का पूरा लाभ उठाने के लिए हालात पर नज़र रखना होगा.
जलवायु परिवर्तन के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व बाढ़ के चलते नुकसान में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है, यह बताता है कि बदलाव क्यों जरूरी हो गया है.
भारतीय विदेश नीति के लिए कमज़ोर रूस के मिले-जुले मायने हैं: वो बीजिंग के प्रति अधिक आभारी हो सकता है, लेकिन इंडो-पैसिफिक में चीन को उसका समर्थन कोई ख़ास मायने नहीं रखेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के फैसले में कहा था कि देश में सभी उपासना स्थलों की रक्षा का कानूनी और संवैधानिक दायित्व सरकार का है, लेकिन मथूरा और वाराणसी की अदालतों ने अलग राह पकड़ी.
सुमदोरोंग चू में टक्कर के बाद पुरानी स्थिति की बहाली में नौ साल लगे थे, पीपी-15 से सेनाओं की वापसी में 13 महीने लगे यानी चीन के साथ सीमा संबंधी वार्ता एक लंबी और दुष्कर प्रक्रिया होती है.
एक चीज़ जो ट्रांस की खूबसूरती को ज़िंदा रखती है, वह है उनका समुदाय और अपनापन. लेकिन कानून बनाने वालों की नजर में, यह अपनापन ‘धोखा’, ‘लुभाना’ और ‘गलत असर डालना’ बन जाता है.