गुजरात में मुस्लिम युवाओं की कोड़े से पिटाई जैसी घटनाओं पर ही भारत जैसे बहुलतावादी, लोकतांत्रिक गणतंत्र से राजनीतिक आवाज़ उठाने की अपेक्षा की जाती है लेकिन भाजपा के प्रतिद्वंद्वी मुसलमानों के साथ दिखने से भी डर रहे हैं.
पूर्व सीजेआई रमना ने हाल ही में जजों की नियुक्ति के मामले में विविधता को सुनिश्चित करने के लिए किसी मैकेनिज़म के न होने की बात कही थी. हालांकि, उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान इस पर कोई काम नहीं किया.
हिजाब पहनने के लिए ज़ोर देना धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक मामला ही है इसलिए इसका विरोध भी धार्मिक नहीं है, इस्लाम के खिलाफ नहीं है बल्कि राजनीति का मामला है.
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) में व्यापक वित्तीय समावेश की संभावना, मगर भारतीय रिजर्व बैंक के कॉन्सेप्ट नोट में उपभोक्ता सुरक्षा पर जोर देना भी वाजिब है.
यह जरूरी है कि भारत एजुकेशन लोन खासकर विदेशों में पढ़ने के लिए लिये गये लोन के बारे में एक नीति बनाये. मेधावी और बढ़िया डिग्री पाने वालों को यहां समायोजित करे.
तीन दशक पहले भारत के उत्तर-पूर्वी बागियों के खिलाफ मुहिम में म्यांमार के फौजी हुक्मरान के सहयोग का प्रतिदान देने के लिए जिस अराकान आर्मी की बलि चढ़ाई गई थी उसने जोरदार वापसी की है.
यूक्रेन युद्ध आज जिस मोड़ पर है और परमाणु अस्त्र के इस्तेमाल का खतरा बढ़ रहा है तब भारत की निष्क्रियता उसके इस दावे को कमजोर करेगी कि वह एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.