हम जानते हैं कि आगे क्या होने वाला है. अदालत अगर उन बलात्कारियों और हत्यारों की रिहाई को रद्द भी कर देती है, तब भी कुछ नहीं होगा. वे लापता हो चुके होंगे. गुजरात सरकार कहेगी कि वह उन्हें नहीं खोज पा रही है.
सीसीपी के नेताओं ने जिन्होंने शी जिनपिंग को 2007 में इसलिए चुना था कि उन्हें लगता था कि उन्हें आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है वे 20वीं कांग्रेस के दौरान बैठकर उन्हें सुनते रहे.
अयोध्या में बहने वाली गंगा ‘तिलोदकी गंगा’ थी, जिसकी बाबत पौराणिक मान्यता है कि राजा राम ने सिंधु देश के घोड़ों के पानी पीने के लिए दूसरी सिंधु नदी के समान इसका ‘निर्माण’ कराया और ‘स्थापित’ किया था.
खाद्य पदार्थों का नुकसान पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता; उक्रेन जैसे विकसित देश का भी अनुभव यही है, लेकिन यह समीक्षा लगातार लटकती समस्या और उसके हल की ओर इशारा करती है.
तेजस्वी यादव के बारे में लोगों ने जितना सोचा था, वह उससे कहीं अधिक सयाने राजनेता बन गए हैं. राजद के प्रस्ताव से ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार शायद इससे वाकिफ हैं.
तांत्रिक क्रियाओं से जुड़ी हत्याओं को अंधविश्वास और अशिक्षा से जोड़ना आसान लगता है लेकिन ऐसे मामलों से शिक्षित, मध्यवर्गीय परिवारों से जुड़े लोग भी शामिल पाए गए हैं. इसलिए इनका गहरा विश्लेषण करने की जरूरत है.
आप बीजेपी के उग्र राष्ट्रवाद का प्रतिकार किसी अमूर्त अंतर्राष्ट्रीयतावाद के सहारे नहीं कर सकते. आज जिस झूठे और धर्मान्ध राष्ट्रवाद का प्रचार किया जा रहा है उसकी कारगर काट भारतीय समाजवादियों के सकारात्मक राष्ट्रवाद से ही की जा सकती है.
सवाल उठता है कि ‘धर्म’ भी तो अतीत का विषय है. उसे भूलने की जरूरत क्यों नहीं है? धर्म से जुड़ी अनेक बुराइयां पूरे संसार में रही हैं, फिर उसे याद रखने की जरूरत क्यों?
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.