प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के नए स्वरूप के खतरों के मद्देनजर अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध हटाने की योजना की समीक्षा करने को भी कहा.
दक्षिणी अफ्रीका में कोरोनावायरस का नया स्वरूप सामने आने के बाद अमेरिका, कनाडा, रूस और कई अन्य देशों के साथ यूरोपीय संघ ने उस क्षेत्र से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है.
न्यू वैरिएंट, बी.1.1.529, दक्षिण अफ्रीका में दो हफ्ते से भी कम समय में तेजी से फैल रहा है. भारत में अभी तक कोई मामला सामने तो नहीं आया है लेकिन इसे लेकर वैज्ञानिकों और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने चिंता जताई है.
WHO यूरोप में लोगों से टीका लगवाने और उचित साफ-सफाई का ध्यान रखने का अनुरोध करते हुए आपस में एक निश्चित दूरी बनाकर रखने को कहा है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके.
हाल में लांसेट में प्रकाशित अंतरिम अध्ययन के परिणाम में सामने आया था कि कोवैक्सीन या बीबीवी152 टीके की दो खुराक लक्षण वाले रोग के खिलाफ 77.8 फीसदी प्रभावी है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.