प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने कहा है कि अस्पताल में आने वाले खांसी व जुकाम के मरीज़ों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है.
आंदोलनकारी डॉक्टरों का मानना है कि विधेयक लाने का इरादा सिर्फ मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना नहीं है बल्कि चुनावी वर्ष में राजनीतिक लाभ प्राप्त करना है. सरकार आगे बढ़ने के अपने फैसले पर अडिग है.
प्रवक्ता के मुताबिक, “उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में आंशिक वृद्धि देखने को मिली है. 28 मार्च को राज्य में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 340 थी.
मॉकड्रिल के दौरान सभी अस्पतालों में एंबुलेंस, एडमिशन फैसिलिटी, इमर्जेन्सी सर्विस, कोविड वार्ड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की उपलब्धता सहित व्यवस्थाओं का विश्लेषण किया गया.
दिल्ली में पहली डीएमडी जागरूकता रैली में मरीज़ों के परिवारों ने भारत में रिसर्च, सस्ती दवाओं और इलाज के लिए प्रोटोकॉल के लिए फंड की मांग करते हुए चिंता ज़ाहिर की.
वर्तमान में जिन आठ राज्यों में सबसे अधिक कोविड मामले दर्ज किए जा रहे हैं, वे महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान हैं.
एमओएसपीआई की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 15-49 वर्ष की सभी महिलाओं के बीच एनीमिया का प्रसार 2015-16 (एनएफएचएस-4) के 53 प्रतिशत से बढ़कर 2019-21 में हुए सर्वे (एनएफएचएस-5) में 57 प्रतिशत पाया गया है.
‘नेचर’ पत्रिका में बुधवार को प्रकाशित अमेरिकी शोधकर्ताओं के दो अध्ययनों में रेवुमेनिब को आशाजनक पाया गया है. 2020 में दुनियाभर में कैंसर के कारण होने वाली मौतों में से लगभग 4% ल्यूकेमिया के कारण हुई थीं.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.