वाम मोर्चा शासन के दौरान, पार्टी का नियंत्रण अधिक और पैसे की राजनीति कम थी. अब स्थिति उलट गई है और टीएमसी के बाहुबली गांवों में कारोबार व शहरों में सिंडिकेट चला रहे हैं.
चेन्नई में कलाक्षेत्र फाउंडेशन में चार कर्मचारियों के खिलाफ छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के एक साल बाद, कैंपस अभी भी ‘ध्रुवीकरण की राजनीति’ कर रहा है.
सियाचिन ग्लेशियर में सैनिकों को योग सिखाने से लेकर मिट्टी बचाओ आंदोलन के लिए अभियान चलाने और अंबानी के छोटे बेटे की शादी में शामिल होने तक, सद्गुरु के विशाल धार्मिक-सामाजिक साम्राज्य का विस्तार हो रहा है.
बीजेपी ने 33 मौजूदा सांसदों को हटा कर उनकी जगह नये चेहरों को मैदान में उतारा है. पूर्व मेयर कमलजीत सहरावत पश्चिमी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में एक ऐसा चेहरा हैं.
विनोबा भावे ने 1950 और 60 के दशक में कई लोगों को सामूहिक स्वामित्व के लिए अपनी ज़मीन दान करने के लिए प्रेरित किया. अब, कुछ ग्रामदान गांव ‘आज़ादी’ के लिए लड़ रहे हैं.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.