क्षेत्र में भाजपा की सीटों की संख्या 30 से घटकर 16 हो गई है. इसका अहम फैक्टर लिंगायतों में गुस्सा था, जिससे इसके कई धार्मिक और सामुदायिक नेताओं ने अपने लोगों से पार्टी का समर्थन नहीं करने को कहा था.
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले मुथालिक को 4,508 वोट मिले. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी ने हिंदुत्व के लिए पर्याप्त काम नहीं किया है.
विहिप महासचिव मिलिंद परांडे ने कहा, अगर वे (कर्नाटक की भावी कांग्रेस सरकार) केवल हिंदुओं के प्रति द्वेष के कारण बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाएंगे, तो हम भी तैयार बैठे हैं. धर्म, समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, हम करेंगे.
गुजरात, उत्तराखंड, और यूपी जैसे अन्य बीजेपी शासित राज्यों के विपरीत, कर्नाटक एक अपवाद था क्योंकि भ्रष्टाचार राज्य में एक प्रमुख मुद्दा बन गया था. चुनाव से पहले बोम्मई सरकार को मजबूत सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा था.
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नाटक में बीजेपी की हार मिशन तेलंगाना को कठिन बना सकती है, तमिलनाडु सहयोगी अन्नाद्रमुक के साथ उसकी सौदेबाजी की शक्ति को प्रभावित कर सकती है और क्षेत्रीय नेताओं को गति दे सकती है.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के चुनाव में एक तरफ क्रोनी कैपिटलिस्ट की ताकत थी, दूसरी तरफ गरीब जनता की शक्ति थी. और शक्ति ने ताकत को हरा दिया और यही हर राज्य में होगा.
पंजाब के जालंधर लोकसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार रिंकू लगभग 58000 वोटों से चुनाव जीते. जीत के बाद केजरीवाल ने कहा कि लोगों ने बता दिया की ‘आप’ सरकार के काम से जनता खुश है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायिक भ्रष्टाचार से संबंधित विवादास्पद अध्याय को बृहस्पतिवार को 'संवेदनशील...