अरे भाई ! कुछ किसान आत्महत्या जरूर कर रहे हैं यही सही है. लेकिन, यह समझना चाहिए कि यह हत्या खेती के अलाभकारी होने मात्र से है या उसके कारण अन्य भी हैं.
संसद में आखिर के दो वर्षों में शरद यादव की अनुपस्थिति में जिस एक नेता ने सामाजिक न्याय और वंचितों के समर्थन में सबसे जोरदार तरीके से अपनी बात रखी, उनमें धर्मेंद्र यादव सबसे आगे रहे.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है