क्या गर्भ-संस्कार के जरिए 'गोरा, लंबा और अनुकूलित बच्चा' पैदा करने की सोच के पीछे जर्मनी के हिटलर दौर की आर्य श्रेष्ठता का सिद्धांत काम नहीं कर रहा है?
भारत के बड़े शहर बदहाल हो रहे हैं, वे विशाल झोंपड़पट्टियों में तब्दील होते जा रहे हैं, और जब उन्हें सुधारने की कोशिश की जाती है तो ‘कोरल’ यानी मूँगे की चट्टानें आड़े आने लगती हैं जैसा कि मुंबई में हुआ.
अभिजात वर्ग अतिक्रमण करने वालों को संपत्ति अधिकार की व्यवस्था में अवरोधक मानता है, और अवैध बस्तियों को नियमित किए जाने का विरोध करता है. पर झुग्गियों में अंतर्निहित पूंजी को मुक्त करने के लिए नियमितीकरण ज़रूरी है.
बैंकिंग के क्षेत्र में जो तकनीकी बदलाव हो रहे हैं उनमें सरकारी बैंक पिछड़ गए हैं और बेहतर कामकाज वाले निजी बैंकों की तुलना में इनका ग्राहक पर ज़ोर कम रहता है.
शानदार काम करने वाले एक काल्पनिक पात्र, एक आईपीएस की जाति का जश्न जब बॉलीवुड मना सकता है तो एक वास्तविक किरदार की श्रेष्ठता पर उनकी जाति का जश्न बॉलीवुड क्यों नहीं मना पाया?
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.