चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ के बजरंग बली के नाम पर वोट मांगने पर उन्हें आचार संहिता के उल्लंधन का दोषी पाया और 48 घंटे प्रचार पर रोक लगाई. पर योगी भगवान की शरण में पहुंचे और खबरों में बने रहें.
जम्मू-कश्मीर में यह धारणा बढ़ती जा रही हैं कि मुख्यधारा की पार्टियां तंगहाली में हैं - वे उग्रवादियों का महिमामंडन नहीं कर रही हैं, लेकिन उनकी निंदा भी नहीं कर रही हैं.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.