आबकारी मंत्री की टिप्पणियों ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के उस बयान पर पहले से ही चल रहे विवाद को और हवा दे दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के साथ युद्ध करने की कोई ज़रूरत नहीं है.
हरियाणा में विपक्ष के नेता की अनुपस्थिति के कारण सूचना आयुक्तों सहित महत्वपूर्ण नियुक्तियां रुकी हुई हैं और लंबित आरटीआई मामलों का बैकलॉग बढ़ता जा रहा है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा पर ‘आपदा में अवसर’ का आरोप लगाया. सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि इससे साबित होता है कि भाजपा नेताओं को हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है.
कई भाजपा नेता दुबे पर हमला करने के लिए कांग्रेस की नैतिक स्थिति पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका तर्क है कि कांग्रेस नेताओं का खुद न्यायपालिका को कमज़ोर करने का इतिहास रहा है.
हालांकि, पहले भी इस मिलन की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार उद्धव ने राज की कोशिशों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. राज ने 2005 में शिवसेना से अलग होकर मनसे का गठन किया था.
भाजपा ने अपने सांसद निशिकांत दुबे की बातों से खुद को सार्वजनिक रूप से अलग कर लिया, लेकिन असली मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने नए वक्फ कानून के कुछ हिस्सों पर रोक लगाने की बात कही.
पार्टी ने यह भी पूछा कि नड्डा उस व्यक्ति की टिप्पणी पर चुप क्यों हैं जो पार्टी से है और एक बड़े संवैधानिक पद पर बैठा है. उस व्यक्ति ने भी न्यायपालिका पर गलत टिप्पणी की थी. यहां इशारा उपराष्ट्रपति धनखड़ की ओर था.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है