सुक्खू शीर्ष पद पर काबिज होने वाले निचले हिमाचल के पहले कांग्रेसी नेता होंगे. भाजपा के प्रेम कुमार धूमल के बाद वह हमीरपुर जिले से दूसरे मुख्यमंत्री होंगे.
सुक्खू प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं. छात्र राजनीति से उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था और राज्य में कांग्रेस के प्रमुख भी रहे.
समर्थन घटने के संकेत पिछले साल ही मिलने लगे थे जब भाजपा तीन विधानसभा और मंडी लोकसभा उपचुनाव हार गई थी. यह स्थिति तब है जबकि नड्डा ने हिमाचल में डेरा डालकर इस चुनाव को ‘प्रतिष्ठा का सवाल’ बना दिया था.
एमसीडी के चुनावी डेटा का विश्लेषण के मुताबिक, यदि आज विधानसभा चुनाव कराए जाते तो AAP अपनी पटपड़गंज और कालकाजी की सीटें बीजेपी से हार जाती. आप ने कहा कि MCD चुनाव की तुलना विधानसभा या लोकसभा से करना ठीक नहीं.
कईं एससी संगठनों ने हट्टी समुदाय को एसटी का दर्जा देने के कदम का विरोध करते हुए मार्च निकाला था. माना जा रहा है कि इस इलाके में बीजेपी के खराब प्रदर्शन की एक वजह उसके प्रति दलितों की नाराजगी भी रही है.
आप के मौजूद नहीं होने से 17 सीटों पर जीत हासिल करने वाली कांग्रेस को 33 और सीटें हासिल करने में मदद मिलती और शायद विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या 123 पर आ सकती थी.
विधानसभा चुनावों में निर्दलीय के रूप में किस्मत आजमाने वाले बागियों ने जहां आठ सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों की जीत की संभावनाओं पर पानी फेर दिया, वहीं कांग्रेस उम्मीदवारों को उनके चलते चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि गुजरात में कांग्रेस का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के साथ ही उसके गठबंधन के ‘अनौपचारिक घटक दलों’ एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी के साथ था.
चीन के डेवलपमेंट मॉडल के केंद्र में प्रॉपर्टी सेक्टर था—घरों का निर्माण, ज़मीन की बिक्री और रियल एस्टेट में निवेश. अब इस निर्भरता के नतीजे साफ दिखने लगे हैं.