यह कदम राहुल गांधी के उस बयान के बाद उठाया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष ने संसदीय ‘परंपरा’ के अनुसार, स्पीकर पर आम सहमति के बदले में डिप्टी स्पीकर का पद मांगा है.
विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता विरोधी लहर को रोकने के लिए हरियाणा में भाजपा सरकार द्वारा किए गए वादों में ओबीसी के लिए क्रीमी लेयर की आय सीमा में वृद्धि और ग्रुप-ए और बी के रिक्त पदों को भरने का वादा शामिल है.
मायावती ने रविवार को 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की. इस अहम बैठक में राज्य के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
दिवंगत बंसीलाल की बहू किरण चौधरी के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद, उनके पोते अनिरुद्ध चौधरी विधानसभा चुनाव के लिए तोशाम से कांग्रेस टिकट के आकांक्षी हैं.
वाजपेयी सरकार द्वारा उन्हें ओबीसी सूची में शामिल किए जाने के बाद जाटों ने बीजेपी का साथ दिया. 25 साल बाद, 2024 में समुदाय के मतदान के रुझान से जाटों और बीजेपी के बीच विश्वास में कमी दिख रही है.
यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द करने को लेकर मचे बवाल के बीच शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि परीक्षा रद्द की गई क्योंकि इसकी सत्यनिष्ठा से समझौता किया गया था और इस बात पर जोर दिया है कि वह किसी के खिलाफ भी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा.
उद्धव ठाकरे ने मोदी को सीधे चुनौती दी, कहा कि एनडीए की जगह जल्द ही इंडिया ले लेगा, जबकि सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि लोकसभा चुनावों में जीत को लेकर ठाकरे गुट का उत्साह ‘थोड़े समय के लिए’ रहेगा.
जानकारी के मुताबिक पहलवानों के विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस से दलबदलुओं को लाने और राज्य भाजपा इकाई के भीतर जातिगत समीकरणों को भी 11 सीटों पर पार्टी की हार के कारणों के रूप में पहचाना गया है.
दिप्रिंट को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में सिंह ने कहा कि आम जनता, उनके अनुयायियों ने उनके नेतृत्व में विश्वास दिखाया है और उनका इरादा 'सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ' संकट को हल करने का है.
INLD को अपना चुनाव चिन्ह — चश्मा — खोने का खतरा है, जिसका इस्तेमाल चौधरी देवीलाल के समय से होता आ रहा है. इस बीच, JJP को 2029 तक नए चेहरों की ज़रूरत है, ताकि वो अपने पुनरुत्थान पर विचार कर सके.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.