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Sunday, 26 April, 2026
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बिना लोक कल्याणकारी बने कैसे जिंदा रह पाएगा भारतीय पूंजीवाद

किसी भी पूंजीवादी व्यवस्था या तंत्र को संकट मुक्त रखने के लिए लोक कल्याणकारी कार्यों की जरूरत होती है. मौजूदा बजट के संदर्भ में ये जानना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय पूंजीवाद अपने लिए कोई और रास्ता अख्तियार करेगा?

कर्नाटक का नाटक कर्नाटक ही नहीं सारे देश के लिए चिंतनीय है

कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) दोनों ही पार्टियों के विधायकों के इस्तीफों और उन्हें लेकर अफवाहों आदि के रूप में जो कुछ घटित हो रहा है, वह न अप्रत्याशित है और न अभूतपूर्व.

क्यों वाजपेयी और मोदी जैसे अच्छे वक्ता भारतीय विपक्ष के पास नहीं है

यह महज संयोग नहीं है कि भाजपा के दोनों प्रधानमंत्री, अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी असाधारण वाचक रहे हैं. भाजपा सार्वजनिक भाषण पर ज्यादा जोर देती है.

राज्यों में भाजपा की सफलता पर कांग्रेस को क्यों खुश होना चाहिए

इस समय कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाइयां लड़ने की ताकत नहीं है और इसलिए इसे भाजपा को क्षेत्रीय दलों के खात्मे का मिशन पूरा करने देना चाहिए.

क्रिकेट विश्वकप: सेमीफाइनल मुकाबला यूं तो है आसान पर रखना होगा कुछ बातों का ध्यान

हालिया प्रदर्शन की बात कर लें या फिर विश्व कप खिताब पर कब्जे की बात कर लें. दोनों टीमों का फर्क अच्छा खासा है.

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए क्या हैं संकेत

लोकसभा चुनाव में जहां गैर-आदिवासी सीटों पर भाजपा की जीत लाखों वोटों के अंतर से हुई, वहीं आदिवासियों के लिए आरक्षित पांचों सीटों पर जीत का अंतर बहुत छोटा रहा.

दलित-आदिवासी नेताओं से ही शुद्ध राजनीति की कामना क्यों?

आज जो ‘नैतिक न्यूनतम जरूरतों’ की बात उठाई जा रही है, उसके साथ खतरा यह है कि यह हाशिए के समूहों के नेताओं पर ब्राह्मणवादी वर्चस्व स्थापित करने का एक जरिया बन जायेगी.

टिक-टॉक भारत में खतरनाक तरीके से रोने वाले ‘नए सेलिब्रिटी’ पैदा कर रहा

इन टिक-टॉक वीडियो में पुरुष स्पष्ट रूप से बॉलीवुड फिल्मों से आहत, बदला लेने वाले 'आशिक’ की भूमिका निभा रहे हैं. और यह खतरनाक है.

ओम प्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा ‘जूठन’ से जानिए जाति का ताप

आयुष्मान खुराना ने एक इंटरव्यू में ये कहा है कि इस रोल की तैयारी करने के क्रम में उन्होंने जूठन किताब को पढ़ा और उन्हें कई रातों तक नींद नहीं आई. कल्पना कीजिए उस व्यक्ति के बारे में जिसने ये जिंदगी जी होगी

इस बजट में पानी नहीं सिर्फ कीचड़ है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बही-खाता भाषण में कई परंपराएं तोड़ते हुए समाज के जल संरक्षण की तकनीकों को भी धता बता दिया.

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राइटिंग्स ऑन दि वॉल—नक्सलबाड़ी की क्रांति से ‘विनर्स’ तक: बंगाल की नई इबारत

पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.

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राजनीति

देश

गुवाहाटी से लापता महिला शिलांग में मिली: पुलिस

शिलांग/गुवाहाटी, 25 अप्रैल (भाषा) गुवाहाटी से लापता हुई 25 वर्षीय एक महिला शनिवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में मिली। पुलिस ने यह जानकारी...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.