अमेरिकी प्रतिबंधों की परवाह न करके रूस से कारोबार करने पर मजबूर भारत को अब, जी-20 जैसे समूहों का नेतृत्व करने और इंडो-पैसिफिक के विचार को आगे बढ़ाने की तैयारी करनी चाहिए.
भाजपा को अपने खिलाफ दो रुझानों का सामना करना पड़ रहा है, कांग्रेस अपने वोटरों को पक्का मान कर आपराधिक रूप से सुस्त है जबकि ‘आप’ खाली घड़े की तरह आवाज़ ज्यादा कर रही है.
नई परिभाषा के मुताबिक ईडब्ल्यूएस कैटेगरी का मतलब सिर्फ वो लोग हैं जो एससी, एसटी या ओबीसी नहीं है. यानी संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 16(4) में जिन वर्गों की बात है, वे ईडब्ल्यूएस नहीं हो सकते.
भारत के सरकारी और सॉवरेन बॉन्ड के विदेशी स्वामित्व में रिकॉर्ड कमी आई है. एफपीआई ने अपनी निवेश सीमा का 25% से कम सरकारी बॉन्ड में और केवल 17% कॉर्पोरेट बॉन्ड में लगाया है.
भारत जानता है कि जब असली संकट की बात आती है, तो यही पश्चिमी अर्थव्यवस्थाएं उसे इससे उबारती हैं - रूस नहीं. लेकिन इसे रूसी कच्चे तेल की भी सख्त जरूरत है.
अब देश की ग्रैंड ओल्ड पार्टी में बदल गई कांग्रेस की तरह ही पुरानी पड़ चुकी शीशे वाली कोठी का हाल भी अच्छा नहीं है और उसके संरक्षण तक के लाले पड़े हुए हैं.
बच्चों की विकास संबंधी गतिविधियों की बेहतरी के लिए जरूरी है कि राज्य माता-पिता को आवश्यक मदद मुहैया कराए, खासकर उन लोगों के मामले में जो कम पढ़े-लिखे हैं.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.