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Friday, 1 May, 2026
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‘अखिलेश-वखिलेश’ एक तरफ, तेलंगाना के मुसलमान INDIA में कांग्रेस की जगह तय करेंगे

एआईएमआईएम और बीआरएस, हालांकि निकटतम सहयोगी तो हैं लेकिन कभी गठबंधन में नहीं रहे.

राहुल गांधी कांग्रेस के वेलफेयर एजेंडे को नया आकार दे रहे हैं, मैं इसे शूद्र विकास मॉडल कहता हूं

भाजपा के आर्थिक मॉडल के विपरीत, जो बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाता है, कांग्रेस उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करती है जो भूमि और श्रम से धन पैदा करते हैं.

2024 तमिलनाडु में एक चौंकाने वाली स्थिति पैदा करेगा, तीन नए चेहरे सामने आने वाले हैं

आठ प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं का दक्षिण भारत पर काफी प्रभाव है. दक्षिण भारत में राजनीति के राज्य-वार गहन विश्लेषण से यह पता चल सकता है कि 2024 में क्या हो सकता है.

2024 के चुनावों से पहले अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार का बयान बदल रहा है. सब कुछ अच्छा ही अच्छा नहीं है

भारत दाल और भारत आटा के लॉन्च से पता चलता है कि सरकार लोगों को हो रही परेशानी से चिंतित है. उसके पास ऐक्शन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.'

हमास के हमले ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मनुष्य आधारित खुफिया तंत्र की अहमियत उजागर की

टेक्नोलॉजी में प्रगति, एआइ, और ‘मशीन लर्निंग’ के बावजूद शत्रु के इरादों को भांपने में मनुष्य या संगठन पर आधारित खुफियागीरी की भूमिका प्रमुख बनी रहेगी.

रेड्डी, शर्मा, राघवन— व्हाइट हाउस के दिवाली समारोह से इस साल भी दलित गायब रहें

बाइडेन-हैरिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका दिवाली समारोह वास्तव में त्योहार की भावना को प्रतिबिंबित करे. यह न्याय और समता के बारे में है, केवल प्रतीकवाद के बारे में नहीं.

चुप चुप खड़े हो जरूर कोई बात है! बिहार में जातिगत गैर-बराबरी के आंकड़ों पर सन्नाटे के पीछे क्या बात है?

बात चाहे आर्थिक हालत की हो या फिर शिक्षा और रोजगार के अवसरों की — भारत में जाति ही इनको निर्धारित करने वाली धुरी बनी हुई है. जातिगत गैर-बराबरी की सच्चाई को समझने के लिए बिहार की ही तरह पूरे देश को एमआरआई की जरूरत है.

अफगान शरणार्थियों के निष्कासन में आतंक का समाधान ढूंढ रहा पाकिस्तान लेकिन स्थिति इससे और बदतर होगी

1973 में आईएसआई द्वारा बोए गए युद्ध के बीज की लंबी, कड़वी फसल हुई है, जिससे अब पाकिस्तान पर ही खतरा मंडराने लगा है.

इस दीवाली सीज़न में दिन में एक बार हेल्दी खाना खाएं, त्वचा की देखभाल इसकी भरपाई नहीं कर पाएगी

कोशिश करें कि बड़ी पार्टियों या बड़े इवेंट जब होने वाले हों तो उस वक्त कोई नया ट्रीटमेंट न लें. चीजें बहुत खराब हो जाने पर मैनेज करना कठिन है.

बड़ी कंपनियों का वर्चस्व बढ़ रहा है मगर लाभ छोटी कंपनियां कमा रही हैं

हाल के वर्षों में शेयर बाजार में सर्वश्रेष्ठ लाभ ‘लार्ज-कैप’ वाले शेयरों से नहीं ‘मिड-कैप’ और ‘स्माल-कैप’ वाली कंपनियों से मिला, जिनमें से कई को तो नाम से तुरंत पहचाना भी नहीं जाता.

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अफसरों ने PESA, FRA, TRIFED को नक्सलवाद से लड़ने का हथियार कैसे बनाया

नक्सलवाद के खिलाफ जंग के कई योद्धाओं का कोई जिक्र नहीं किया जाता लेकिन गृह मंत्रालय के ‘समाधान’ कार्यक्रम को इन्हीं योद्धाओं के प्रयासों के कारण कामयाबी मिली.

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दिल्ली में सुबह मौसम सुहावना रहा, बारिश का अनुमान

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) दिल्ली में शुक्रवार सुबह हल्की ठंड रही और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो इस मौसम के...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.