सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ खाद्य और घरेलू जरूरतों का सामान ऐसा था जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में महामारी के पहले वर्ष 2020-21 में सकारात्मक वृद्धि दर देखी गई.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.