केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसारदेश में अभी 22,36,842 लोगों का कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 5.62 प्रतिशत है.
जनवरी के पहले दो हफ्तों में, आर वैल्यू अभूतपूर्व तरीके से उच्च स्तर तक बढ़ कर 2.89 पर पहुंच गया था. जो कि पूरी महामारी के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा आर-वैल्यू था.
देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ के पार हो गए थे. पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ के पार और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक उपचाराधीन मरीज बढ़कर 21,13,365 हो गए हैं जो पिछले 237 दिनों में सर्वाधिक हैं जबकि 488 और मरीजों की मौत के साथ मृतक संख्या बढ़कर 4,88,884 हो गई है.
जिन व्यक्तियों की जांच में सार्स सीओवी-2 कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है अब उन्हें ठीक होने के तीन महीने बाद खुराक दी जाएगी. इसमें ‘एहतियाती’ खुराक भी शामिल है.
सरकारी दिशानिर्देश इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं करते हैं कि किस तरह की सेटिंग में कौन-सा मास्क उपयुक्त हैं, या नकली मास्क को कैसे पहचानें. लेकिन ऐसे मानकीकृत लोगो और मार्क होते हैं जिनसे सही मास्क की पहचान की जा सकती है.
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसरके पद पर कार्यरत डॉ शिव पिल्लई का कहना है कि भारत में कोविड की तीसरी लहर के मार्च तक कम होने की संभावना है, और उनका मानना है कि इस महामारी के प्रति भारत की प्रतिक्रिया मिक्स्ड बैग जैसी थी.
हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल्स एंड एशियन हेल्थ फाउंडेशन द्वारा नॉन पीयर-रिव्युड एक अध्ययन इन्हीं 30% पर केंद्रित है. एआईजी प्रमुख का कहना है कि एंटीबॉडीज बनाए रखने वाले 70% लोग 9 महीने के बाद दिए जाने वाले बूस्टर से लाभ उठा सकते हैं.
ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.