मूल रूप से अमेरिका की टेम्पल यूनिवर्सिटी के, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलजी एक्सपर्ट, एनरीको बुची द्वारा सोमवार को लिखे पत्र को, कम से कम 23 दूसरे वैज्ञानिकों का समर्थन हासिल हुआ है.
आईसीएमआर ने शनिवार को घोषणा की कि कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए अब डॉक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं है, इस कदम से महामारी की व्यापकता के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.
आईसीएमआर द्वारा प्लेसिड अध्ययन में 29 अस्पतालों में 464 प्रतिभागियों को शामिल करते हुए यह कोविड-19 पर दुनिया में पूरा होने वाला पहला और सबसे बड़ा कंट्रोल ट्रायल परीक्षण है.
सरकार ने एडीबी से तकनीकी विशेषज्ञता वाले अन्य संगठनों के चयन में मदद करने के लिए भी कहा है जो कोविड पर विश्लेषण और डाटा विजुअलाइजेशन में सहायता कर सकते हों.
देश में एक दिन में 90,802 लोगों के कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 42 लाख के पार चली गई है. जबकि कोविड-19 से मरने वालों की दर घटकर 1.70 प्रतिशत हो गई है.
इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक संपादकीय में डॉ. प्रिया अब्राहम और डॉ. राजेश भाटिया ने कहा है कि कोविड के बारे में जितना कुछ ‘ज्ञात’ है, उससे कहीं ज्यादा ‘अज्ञात’ है.
महामारी की तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए बना स्वतंत्र पैनल, अपनी रिपोर्ट मई 2021 में पेश करेगा. पैनल के सदस्य बिना किसी पारिश्रमिक के, दूर रहकर ही काम करेंगे.
संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. ब्राजील में 40 लाख के करीब कोरोना के मरीज हैं. जबकि अमेरिका में कुल मरीजों की संख्या 64 लाख 31 हजार पहुंच गई है.
हेल्थ रिसर्च फर्म, प्रोंटो कंसल्ट के एक सर्वेक्षण के अनुसार, प्रतिरक्षा बूस्टर का न केवल दवाओं में बल्कि खाद्य-संबंधित उत्पादों में भी इसका ट्रेंड बढ़ रहा है.
ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.