दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में पिछले 24 घंटे में गंभीर रूप से बीमार 25 कोविड मरीजों की मौत हो गयी जबकि कई और मरीजों की जिंदगी जीवन रक्षक ऑक्सीजन गैस की कमी के कारण दांव पर लगी है.
देश में जिन मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है उसकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और फिलहाल यह आंकड़ा 25,52,940 है जो संक्रमण के कुल मामलों का 15.37 फीसदी है.
जयपुर गोल्डन अस्पताल के डी के बालुजा ने कहा,' हमारे पास ऑक्सीजन सिर्फ आधे घंटे की बचा है और 200 से अधिक लोगों की जिंदगी खतरे में बनी हुई है.जिनमें से 80 प्रतिशत ऑक्सीजन पर हैं तथा 35 आईसीयू में हैं.'
पटना में कारों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाली निजी कंपनी में काम करने वाले 52 वर्षीय राय और उनकी पत्नी अरुणा भारद्वाज 10 किलो के 250 से अधिक सिलेंडर के साथ ‘ऑक्सीजन बैंक‘ चलाते हैं.
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने दिप्रिंट से बातचीत में स्वीकार किया कि कोविड मामलों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है और मौजूदा बुनियादी ढांचा इस संकट से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है.
जब पूरा देश वैक्सीनेशन के लिए जूझ रहा है ऐसे समय में 97 फीसदी सेना के अधिकारियों को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है वहीं 76 फीसदी को दोनों शॉट्स लग चुके हैं.
अस्पताल के एसओएस जारी करते ही समय से सरगंगा राम में पहुंचाया गया ऑक्सीजन , गंभीर रूप से बीमार 25 कोविड मरीजों की पिछले 24 घंटे में मौत हो गयी है जबकि 60 ऐसे अन्य अत्यंत अस्वस्थ मरीजों की जान भी खतरे में बनी हुई थी.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिप्रिंट को बताया कि राज्य में टेस्टिंग किट के अभाव की वजह बड़ी संख्या में हो रहे टेस्ट को बताया. बघेल ने यह भी कहा कि आरटी पीसीआर टेस्ट में बैकलॉग राज्य में आरटी-पीसीआर लैब की सीमित क्षमता के कारण है.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.