भारत की सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने कहा है कि जिन लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया है और जिनका उनको समर्थन प्राप्त है उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.
मोहन कुमार का कहना है कि पीएमओ राफेल सौदे को तेजी से निपटाना चाहता था, और उसकी सोच 'स्वतंत्र और स्पष्ट' थी, जैसा कि तत्कालीन मंत्री मनोहर पर्रिकर चाहते थे.
भारत खुद के बनाए जाल में फंस गया है. भले ही BJP को लोगों की असुरक्षा की भावना का फ़ायदा उठाना सुविधाजनक लगे, लेकिन इससे पाकिस्तान और बांग्लादेश को बढ़त मिल जाती है.