कोलकाता, 19 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो समूहों के बीच हुई झड़प के पांच साल पुराने मामले में शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
हुमायूँ कबीर की अगुवाई वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) से जुड़े सैफ़ुल इस्लाम की गिरफ़्तारी की घटना पुलिस द्वारा कांग्रेस के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ़्तार किए जाने के एक दिन बाद हुई। मिलन प्रधान को ज़मीन अधिग्रहण के ख़िलाफ़ हुए आंदोलन के दौरान दर्ज लगभग दो दशक पुराने मामले में गिरफ़्तार किया गया था।
हुमायूं कबीर के नवादा सीट अपने पास रखने का फैसला करने और रेजीनगर सीट से इस्तीफा देने के कारण यह उपचुनाव जरूरी हो गया था। एजेयूपी ने इस उपचुनाव के लिए कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है।
पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘ब्रह्मपुर थाने के अधिकारियों ने सैफुल इस्लाम को पिछले विधानसभा चुनाव से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। उस समय दो समूहों के बीच झड़प हुई थी।’ उन्होंने बताया कि इस मामले में इस्लाम का नाम दर्ज था।
इस बीच, ब्रह्मपुर पुलिस ने शनिवार को एजेयूपी प्रमुख (हुमायूं कबीर) को भी एक मामले में जांच अधिकारियों के समक्ष सोमवार को पेश होने का नोटिस भेजा है। यह मामला कथित तौर पर दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की साजिश से जुड़ा है।
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला 14 सितंबर को दर्ज किया गया था।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
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