नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 18 सितंबर को पटना में लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने ‘कायाकल्प’ पोर्टल का लोकार्पण भी किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का मकसद सार्वजनिक सुविधाओं और संपत्तियों को बेहतर और स्वच्छ बनाना तथा नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है. अभियान के दो हिस्से हैं. पहला, मौजूदा संपत्तियों का उन्नयन, मज़बूतीकरण और मरम्मत, जिसे हर हाल में 30 नवंबर तक पूरा करना है. उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इसे दिवाली से पहले पूरा करने का आग्रह किया. दूसरा, नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण, जो 31 मार्च 2027 तक पूरा होगा.
पंचायत स्तर पर स्कूलों की रंगाई-पुताई, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और अंबेडकर व कर्पूरी ठाकुर छात्रावास जैसे लंबित काम समय पर पूरे करने को कहा गया.
कायाकल्प पोर्टल और मोबाइल ऐप पर ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत नौ विभागों की योजनाओं की प्रगति और पूरे हो चुके कामों की जानकारी रहेगी. इससे निगरानी आसान होगी और लंबित कामों में तेज़ी आएगी. मंत्रियों को कामों की निगरानी करने को कहा गया.
रिपोर्ट करीब 200 शब्दों की है. जगह की कमी से ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास की प्रस्तुति, पंचायत विकास दिवस के कार्यक्रमों में अभियान को शामिल करने की बात, मंत्रियों और अधिकारियों की उपस्थिति और ज़िलों के वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ने की जानकारी हटा दी है. चाहें तो इनमें से कुछ जोड़ दूँ.