नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत 19 सितंबर को भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में स्कूटी वितरण कार्यक्रम हुआ. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच पर 11 छात्रों को स्कूटी की चाबी सौंपी, जबकि पूरे प्रदेश में 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 7,400 से ज़्यादा विद्यार्थियों को स्कूटी दी गई. मुख्यमंत्री ने एक छात्रा की स्कूटी पर सवारी भी की.
मंच पर छात्रों ने मुख्यमंत्री को अपने सपने बताए. आकाश साहू एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं. शब्द और मरियम खान सीए बनना चाहते हैं, मिनी जैन न्यूरोसर्जन और खुशी यादव एमबीबीएस करना चाहती हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 1 लाख रुपये तक कीमत की स्कूटी दी जा रही हैं, जिससे बच्चों को कॉलेज आने-जाने में आसानी होगी. उन्होंने बताया कि 2002-03 में प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 16 प्रतिशत थी, जो अब शून्य हो चुकी है. उनके मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में अब 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और सरकारी स्कूलों से आ रहे हैं. स्कूल शिक्षा के लिए 38 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान है.
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूटी पाने वाले बच्चों ने 12वीं बोर्ड में पहले प्रयास में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर स्कूल में टॉप किया है.
रिपोर्ट करीब 200 शब्दों की है. जगह की कमी से मुख्यमंत्री के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी, मनमोहन सिंह और डीबीटी वाला हिस्सा और मंत्री कुंवर विजय शाह की बहस प्रतियोगिता वाली बात हटा दी है. चाहें तो जोड़ दूँ. ड्रॉपआउट और मेरिट सूची के आंकड़े मुख्यमंत्री के दावे हैं, इसलिए मैंने उन्हें उन्हीं के नाम से रखा है.