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Friday, 18 September, 2026
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सेना मेडल पाने वालों को अब ट्रेन में मुफ्त AC सफर, 37 साल पुरानी असमानता खत्म

रक्षा मंत्रालय ने सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल पाने वालों को भारतीय रेलवे में फर्स्ट क्लास, 2nd AC और AC चेयर कार में मुफ्त सफर की सुविधा मंजूर की है.

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नई दिल्ली: पुलिस के वीरता पुरस्कार पाने वालों को पहली बार रेलवे यात्रा में रियायत मिलने के करीब चार दशक बाद, सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल पाने वालों को भी इसी तरह की सुविधा मिल गई है.

रक्षा मंत्रालय ने इन पुरस्कार पाने वालों को भारतीय रेलवे में फर्स्ट क्लास, 2nd AC और AC चेयर कार में मुफ्त सफर की सुविधा मंजूर की है.

इस फैसले से सशस्त्र बलों के वीरता पुरस्कार पाने वालों को मिलने वाली सुविधाओं में लंबे समय से चली आ रही असमानता खत्म हो गई है.

जहां राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री और पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री पाने वाले पुलिसकर्मियों को 1989 से रेलवे में रियायत मिल रही है, वहीं वीरता के लिए सेना मेडल पाने वाले लोग मुफ्त पास की इस योजना से बाहर थे.

यह फैसला इस साल मार्च में रक्षा मंत्रालय ने मंजूर किया था. इसके बाद इस सुविधा को लागू करने के लिए सेना मुख्यालय ने इस हफ्ते दिशानिर्देश जारी किए.

नई व्यवस्था के तहत, वीरता के लिए सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल पाने वाले लोगों को भारतीय रेलवे में फर्स्ट क्लास, 2nd AC और AC चेयर कार में जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. उनके साथ एक साथी भी मुफ्त यात्रा कर सकेगा.

यह सुविधा पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति के पति या पत्नी को भी मिलेगी. इसमें विधवा या विधुर को दोबारा शादी करने तक यह सुविधा मिलेगी. इसके अलावा, अविवाहित ऐसे पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति के माता-पिता को भी यह सुविधा मिलेगी, जिसे मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया हो. इस योजना का पूरा खर्च रक्षा मंत्रालय उठाएगा.

37 साल पुरानी असमानता

पुलिस के वीरता पुरस्कार पाने वालों को रेलवे में रियायत मिलने का इतिहास मार्च 1989 से जुड़ा है. रेलवे मंत्रालय ने राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री और पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री पाने वालों को सेकंड क्लास मेल/एक्सप्रेस किराए में 50 प्रतिशत की रियायत देने का फैसला किया था. यह रियायत 1 अप्रैल 1989 से लागू हुई थी.

इसके बाद फरवरी 1996 में इस सुविधा को और बढ़ाया गया. रेलवे बोर्ड ने परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र समेत कई बड़े वीरता पुरस्कार पाने वालों के लिए फर्स्ट क्लास/AC 2-टियर का मुफ्त कार्ड पास शुरू किया.

इसके बाद 29 अक्टूबर 1996 को रेलवे बोर्ड ने राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री और पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री पाने वालों को भी फर्स्ट क्लास/AC 2-टियर का मुफ्त पास देने की सुविधा बढ़ा दी.

बाद में इस सुविधा को और बढ़ाया गया. इसमें साथ जाने वाले व्यक्ति, मृत पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति के पति या पत्नी और अविवाहित मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति के माता-पिता के लिए भी प्रावधान किए गए.

सशस्त्र बलों ने बराबर सुविधा की मांग की

सशस्त्र बलों की ऐसी ही सुविधा की मांग एक दशक से भी ज्यादा पुरानी है.

2013 में रक्षा मंत्रालय ने रेलवे मंत्रालय को पत्र लिखकर सशस्त्र बलों के बड़े वीरता पुरस्कार पाने वालों को रेलवे पास की योजना में शामिल करने की मांग की थी.

यह मुद्दा खास तौर पर वीरता के लिए दिए जाने वाले सेना मेडल के मामले में महत्वपूर्ण था. आधिकारिक Order of Precedence यानी पुरस्कारों की प्राथमिकता सूची में इसका स्थान होने के बावजूद इसे इस सुविधा में शामिल नहीं किया गया था.

इस मामले पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी विचार हुआ. 2015 में रिटायर्ड मेजर जनरल तेजपाल सिंह बख्शी की ओर से दायर याचिका पर दिए गए एक आदेश में कोर्ट ने दर्ज किया कि वीरता के लिए सेना मेडल को Order of Precedence में 22वें स्थान पर रखा गया है, जबकि वीरता के लिए पुलिस पदक 24वें स्थान पर है.

दलील यह थी कि Order of Precedence में ऊपर रखे गए पुरस्कार को उस पुरस्कार के लिए मिलने वाली रेलवे रियायत न मिलना असमानता है, जो उससे नीचे रखा गया है.

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि हाई कोर्ट ने अधिकारियों को इस असमानता को दूर करने का निर्देश दिया था. आखिरकार, हाई कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ने इस बात पर सहमति जताई कि अगर रक्षा मंत्रालय रकम वापस करने पर सहमत हो, तो सेना मेडल पाने वालों को भी यह सुविधा दी जाएगी.

एक सूत्र ने बताया, “हाई कोर्ट के निर्देश के 11 साल बाद, दोनों मंत्रालयों ने आखिरकार इस मामले को सुलझा लिया है.”

मार्च 2026 के फैसले के बाद अब तीनों सेनाओं के संबंधित वीरता पदक पाने वालों को भी रेलवे में यह सुविधा मिल गई है.

सूत्रों ने बताया कि यह बदलाव सिर्फ एक नई कल्याणकारी सुविधा नहीं है, बल्कि इससे पुलिस के वीरता पुरस्कार पाने वालों और सशस्त्र बलों के वीरता पुरस्कार पाने वालों को रेलवे में मिलने वाली सुविधाओं के बीच लंबे समय से मौजूद अंतर भी खत्म हो गया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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