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Saturday, 25 April, 2026
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भारत को ढांचागत सुधार की ज़रूरत है, नहीं तो गिरती विकास दर के लिए तैयार रहना पड़ेगा

आर्थिक क्षेत्र में जो गति हासिल की गई थी उसका दम निकल गया है और अर्थव्यवस्ता का हर पहलु मंदी दिखा रहा है क्योंकि पिछले 15 वर्षों में बहुत कम सुधार किए गए है.

जब शेषन के काल में चुनाव आयोग के सदस्यों का झगड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था

सुनील अरोड़ा और अशोक लवासा के बीच विवाद ने चुनाव आयोग को सुर्खियों में ला खड़ा किया है. पर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. 1995 में जब टीएन शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे तब विवाद सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा था.

अज्ञानी गोडसे ने नहीं जाना गांधी से हिन्दू धर्म का मर्म

गोडसे की यह अज्ञानता ही थी कि वो बापू को हिन्दू विरोधी मानने लगा था. जबकि बापू तो सात्विक हिन्दू थे. हालांकि वे कतई कर्मकांडी हिन्दू नहीं थे.

पश्चिम बंगाल: अब आगे क्या होने वाला है?

पूरे कुंए में इस कदर भांग पड़ गयी है कि किसी को भी अपनी जिम्मेदारी का भान नहीं, तो क्या आश्चर्य कि जो ईश्वरचंद विद्यासागर बंगाल की पुनर्जागरण काल की प्रमुख हस्तियों में से एक हैं.

प्रज्ञा ठाकुर अगर जीतती हैं तो मोदी को 5 साल तक शर्म झेलनी पड़ेगी

ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी एक तबके ने भारतीय राष्ट्रीयता पर अपने एकाधिकार का दावा किया हो और गांधी की नीति पर भी चलने का छद्म भी. इसलिए मोदी अगर प्रज्ञा ठाकुर को अपने मन से कभी माफ न करें तो भी क्या फर्क पड़ जाएगा?

पटेल ने गोडसे को पागल और उसके साथियों को शैतानों का झुंड करार दिया था

गोडसे के समर्थन में बयान अचानक नहीं आया है. आरएसएस वर्षों से शाखाओं में बच्चों को यही सब बातें सिखा रहा है, इसके असर में आए बच्चे, बड़े होने के बाद भी इस ज़हरीले प्रचार से मुक्त नहीं हो पाते.

सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के विरोध में अगड़ी जातियों की ‘योग्यता’ वाली दलील को खारिज कर दिया है

इस फैसले से पूर्व, नीति निर्माताओं के बीच पदोन्नति में आरक्षण के दायरे को लेकर भ्रम की स्थिति थी.

घोड़ी पर चढ़कर शादी: सवर्ण अहंकार को चुनौती या पाखंड की नकल?

दबंग जातियां शादी के दौरान घोड़ी पर चढ़ना अपना विशेषाधिकार समझती हैं, इसलिए दलितों द्वारा ऐसा करना उन्हें बगावत या सामाजिक ताने-बाने का टूटना लगता है. लेकिन ऐसी शादी करके दलितों को मिलेगा क्या?

अरुण जेटली ने लिखा- टीना फैक्टर, कमजोर विपक्ष का मतलब मोदी फिर से जीत रहे हैं

केंद्रीय मंत्री ने कहा- विपक्षी वादे इस मार्ग के लिए जिम्मेदार होंगे. जो एकदम दिखाता है कि नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है.

नाथूराम गोडसे को आतंकवादी कहने में किसी को क्या एतराज हो सकता है?

नाथूराम गोडसे चाहते थे कि हिंदू धर्म उस मर्दानगी को प्राप्त करे जो औपनिवेशिक शासन का प्रतिनिधित्व करती है. गांधी इसके विपरीत चाहत रखते थे.

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दंतेवाड़ा के कलेक्टर ओपी चौधरी ने नक्सल-प्रभावित ज़िले में शिक्षा को कैसे बढ़ावा दिया?

तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.

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तेलंगाना आरटीसी की हड़ताल के दौरान आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक की मौत, अनुग्रह राशि घोषित

हैदराबाद, 24 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीआरटीसी) की हड़ताल के दौरान 23 अप्रैल को दिन में आत्मदाह करने की कोशिश करने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.