फिल्मकार, पत्रकार और लेखक इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं देश के 20 करोड़ दलितों में एक अच्छा-खासा मिडिल क्लास पैदा हो चुका है, जो सूअर टहलाने वाला आदमी नहीं है!
मरीचझापी कांड और कुछ नहीं बल्कि लेफ्ट राजनीतिक की गलतियों का एक नमूना है. 26 जनवरी, 1979 को अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाने के लिए नरसंहार किया गया.
प्रधानमंत्री पद के लिए मायावती के नाम पर सहमति बनने से देश की सबसे वंचित जातियों का भारतीय लोकतंत्र में विश्वास और दृढ़ होगा. इससे भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी.
आंबेडकर ने हिंदू धर्म छोड़ने की घोषणा 1936 में ही अपने भाषण जातिभेद का उच्छेद यानी एनिहिलेशन ऑफ कास्ट में कर दी थी लेकिन उन्होंने धर्म परिवर्तन 1956 में जाकर किया. इस बीच उन्होंने सभी धर्मों का अध्ययन किया.
स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे हिंसक शासन के खिलाफ असाधारण चुनाव होने जा रहे हैं . इस हालत में बहुत रणनीतिक तरीके से यानी टेक्टीकल तरीके से वोटिंग करनी होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समाचार चैनलों ने 722 घंटों से अधिक समय तक दिखाया गया. वहीं इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बहुत कम 252 घंटे का समय मिला.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.