scorecardresearch
Sunday, 5 April, 2026
होमफीचर

फीचर

‘मुसलमानों को कंबल नहीं’ विवाद के बाद बदला गांव का माहौल—‘अब संभलकर रहना होगा’

राजस्थान के टोंक जिले के करेड़ा बुजुर्ग गांव में धर्म रोज़ की दरार नहीं है, लेकिन बीजेपी नेता सुखबीर सिंह जौनापुरिया की एक सामान्य कंबल वितरण मुहिम सार्वजनिक वफादारी की छंटनी में बदल गई.

DDA ने 40 साल पुराना मामला फिर खोला: SC, दक्षिण दिल्ली की कीमती ज़मीन और नाराज़ मालिक आमने-सामने

हर कुछ साल में, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी फिर नोटिस, कोर्ट सुनवाई और अब नई जमीन अधिग्रहण की कोशिश के साथ लौट आती है.

‘आज़ादी’ से बायोमेट्रिक्स तक—JNU में विरोध की नई लहर

2016 में कन्हैया कुमार के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के करीब दस साल बाद, छात्रों का कहना है कि कैंपस अब एक बिल्कुल अलग तरह के आंदोलन का सामना कर रहा है.

उन्नाव रेप सर्वाइवर अब वकील बनकर, दूसरी पीड़िताओं को दिलाना चाहती हैं न्याय

जिन दिनों कोर्ट में सुनवाई नहीं होती, उनका घर ही उनका क्लासरूम बन जाता है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीए प्रोग्राम कोर्स में एडमिशन लिया है.

बॉलीवुड के ‘ओ’ रोमियो’ से ‘ब्लैक फ्राइडे’ तक: दाऊद इब्राहिम एक ऐसा ‘तोहफा’ है जो कहानी देता रहता है

किताबें, भाई और बॉलीवुड. मुंबई की हर गैंगस्टर फिल्म दाऊद की तरफ ही जाती है. ओ'रोमियो के साथ, बॉलीवुड नए — लेकिन फिर भी D-जैसे — एंटीहीरो ढूंढ रहा है.

कोलकाता की बिरयानी की लड़ाई में दादा बौडी और हैंगलाथेरियम ने नई चुनौती पेश की

जहां भारत में ज़्यादातर लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि लखनवी, हैदराबादी या कोलकाता की बिरयानी बेहतर है, वहीं बंगाल की बहस अब अंदर की ओर मुड़ गई है: अब कौन सी लोकल बिरयानी वफ़ादारी की हकदार है, क्योंकि नए दावेदार पुराने अरसलान और अमीनिया को चुनौती दे रहे हैं.

गोरखपुर जेल में फ्रेंच फिल्ममेकर ने क्या देखा? मुसलमान अलग और दलित टॉयलेट के पास

वैलेन्टिन हेनॉल्ट 2023 में जाति भेदभाव पर एक डॉक्यूमेंट्री पर काम करने के लिए भारत आए थे और गोरखपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने अब इस पर एक किताब पब्लिश की है जिसका टाइटल है 'आई हैड एन इंडियन ड्रीम: इन द हेल ऑफ़ गोरखपुर प्रिज़न'

किचन से बारटेंडिंग की तरफ बढ़ते पहाड़ी— ‘समुदाय ने सफलता का स्वाद चखा है’

दून बार अकादमी के संस्थापक कुलदीप सिंह ने कहा, ‘आमतौर पर सेना में कोई ऐसा व्यक्ति होता था जो घर बना सकता था, कार खरीद सकता था, परिवार का खर्च उठा सकता था. आज, बारटेंडर को वह दर्जा प्राप्त है.

ज्ञानवापी से द्वारका तक—कौन हैं मोदी सरकार के पसंदीदा आर्कियोलॉजिस्ट आलोक त्रिपाठी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्किटेक्चरल महत्वाकांक्षा के लिए जो आर्किटेक्ट बिमल पटेल हैं — काशी कॉरिडोर, दिल्ली के सेंट्रल विस्टा को नया आकार देना, और नई संसद बिल्डिंग का डिज़ाइन बनाना — आलोक त्रिपाठी इसके लिए जाने-माने आर्कियोलॉजिस्ट नंबर 1 बन गए हैं.

मिलिए नीरज गोयत से—मुक्केबाज़ी, विवाद और शोहरत के बीच जीते दोहरी ज़िंदगी

दुबई में बैकस्टेज हुए वायरल झगड़े से लेकर रियलिटी शो की लड़ाइयों और इन्फ्लुएंसर विवादों तक, इस बॉक्सर का करियर दिखाता है कि अब फोकस, विवाद और खेल साथ-साथ चलते हैं.

मत-विमत

चीन ने खुद को ऊर्जा संकट से सुरक्षित कर लिया है. भारत सिर्फ ‘बातें करता है, काम नहीं’

चीन ने कोयले से गैस बनाने में पूंजी, हुनर और टेक्नोलॉजी का धैर्य के साथ निवेश किया. हम कथनी को करनी में बदलने में हमेशा पीछे रहते हैं. कच्चे तेल की कीमत गिरते ही हमारा जोश ठंडा पड़ जाता है.

वीडियो

राजनीति

देश

सामाजिक न्याय मंत्रालय का 2025-26 में रिकॉर्ड व्यय, कल्याणकारी योजनाओं पर जोर

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसने अब तक का सर्वाधिक...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.