मैच से पहले शंकर महादेवन, सुनिधि चौहान, अरिजीत सिंह ने ‘वंदे मातरम’ गाया जिससे माहौल जोशमय हो गया. महादेवन ने भव्य मोटेरा में जब ‘सुनो गौर से दुनियावालों’ गाना शुरू किया तब आधे से ज्यादा भरा स्टेडियम भी उनके साथ सुर में सुर में मिलाने लगा.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.