पद छोड़ने या पार्टी में सुधारों पर ध्यान देने के आह्वान के बीच सोनिया गांधी पार्टी के अंदर और संसद में अधिक सक्रिय भूमिका में नजर आने लगी हैं, वह ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों के खिलाफ आरोपों में विपक्षी दल की अगुआई कर रही हैं.
उस समय से जब प्रधान मंत्री मोदी, जो तब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, बिहार में अवांक्षित व्यक्ति हो गए थे, से लेकर अब का समय जब भाजपा ने बिहार विधानसभा में अपने ही एनडीए सहयोगी जद (यू) को पीछे छोड़ दिया है.
यादव पहले ही मंगलवार को लोकसभा से इस्तीफा देकर निचले सदन के अध्यक्ष ओम बिरला को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं. वह लोकसभा में आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
संवाददाता सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एवं स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे.
TPF, प्रद्योत देबबर्मा के नेतृत्व वाली TIPRA मोथा की पूर्व सहयोगी रही है. TPF की संस्थापक पताल कन्या जमातिया स्थानीय तौर पर एक जुझारू कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं. उनका यह कदम 2023 के राज्य चुनावों में बीजेपी के लिए मददगार साबित हो सकता है.