2018 की हार के बाद से, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सुर्खियों से बाहर रहीं हैं और राज्य भाजपा प्रमुख सतीश पूनिया के साथ उनकी खींच-तान बराबर जारी रही है. लेकिन पार्टी अध्यक्ष नड्डा और पीएम मोदी के साथ उनकी हालिया मुलाकातों ने उनके बारे में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है.
आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल के सदस्य और बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक इस प्रस्ताव के समर्थन में आए और केंद्र के कदम को ‘तानाशाही और निरंकुश’ करार दिया.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा रोजगार के नए रास्ते खुले हैं, इनोवेशन हुए हैं. छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर मात्र 1.7 प्रतिशत रह गई है, जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है.
BJP राज्य में कोविड के बाद पैदा हुए बेरोज़गारी के संकट से निपटने की तैयारी कर रही है, जो इसी साल होने वाले असेम्बली चुनावों में, उसे नुक़सान पहुंचा सकता है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?