शुक्रवार दोपहर कैबिनेट की अंतिम बैठक खत्म करने के बाद सभी 24 कैबिनेट मंत्रियों ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. सूत्रों के मुताबिक नए मंत्री 11 अप्रैल को शपथ लेंगे.
राहुल ने यह दावा भी किया था कि सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और ‘पेगासस' के जरिये बनाये जा रहे दबाव के चलते मायावती दलितों के लिए नहीं लड़ पा रहीं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को खुला रास्ता दे दिया है.
शिवपाल ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले है. लेकिन भाजपा और योगी आदित्यनाथ के प्रति उनके रुख से ये अटकलें तेज हो गई हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं. वह जल्द ही अयोध्या के दौरे पर भी जाएंगे.
राज्यपाल कलराज मिश्र ने करौली में ‘सांप्रदायिक तनाव पर काबू पाने के लिए त्वरित कार्रवाई’ करने को लेकर पुलिस की सराहना की, साथ ही कहा कि राजस्थान सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
AAP नेताओं का कहना है कि उन्हें ममता बनर्जी के ग़ैर- BJP विपक्षी मोर्चे में शामिल होने के न्योते का जवाब देने में जल्दबाज़ी की ज़रूरत नहीं है, और वो इसी साल होने वाले हिमाचल और गुजरात चुनावों तक अपना समय बिताएंगे.
बुधवार को स्थापना दिवस कार्यक्रम में, सभी सांसदों को भाजपा के नाम, रंग और कमल के निशान वाली कस्टम-डिज़ाइन की गई नई टोपी पहन कर आने के लिए कहा गया था. पार्टी समारोहों के लिए इसे ‘एक पहचान’ बनाने की योजना है.
रेड्डी ने अपने कार्यकाल के दौरान सीएम पद संभालने के बाद संकेत दिया था कि वह मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करेंगे. यह फेरबदल पिछले दिसंबर में होने वाली थी लेकिन कोरोना की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था.
दिप्रिंट के साथ इंटरव्यू में सीटी रवि इससे इनकार करते हैं कि बीजेपी एक सांप्रदायिक दरार पैदा करने का प्रयास कर रही है. वो अज़ान के लिए लाउडस्पीकरों पर पाबंदी की मांग और कर्नाटक में पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर भी बात की.
संतोष ने पिछले सप्ताह के अंत में पंचकूला में एक विचार-मंथन सत्र के दौरान राज्य के भाजपा नेताओं से मुलाकात की. इस राज्य में विधानसभा चुनाव अभी 2 साल से अधिक दूर हैं, लेकिन हरियाणा में मई में नगरपालिका चुनाव होने हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?