‘भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA)’ के तहत पार्टियों द्वारा जीती गई सीटें 20 राज्यों में फैली हुई हैं. 26 में से पांच पार्टियों के पास कोई सांसद ही नहीं है.
भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन के लिए एक संक्षिप्त शब्द INDIA के लिए श्रेय लेने का काम कांग्रेस ने किया है - बैठक में से कई लोगों ने इसे बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का विचार बताया.
बसपा सुप्रीमो ने कहा, "लोकसभा चुनाव का समय अब बेहद नज़दीक है. सत्ताधारी गठबंधन व विपक्षी गठबंधन की बैठकों का दौर चल रहा है, हालांकि इन मामलों में हमारी पार्टी भी पीछे नहीं है."
उनमें से नौ पार्टियों ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, जबकि 16 कोई भी सीट जीतने में असफल रहे. फिर भी, 2024 में एक साथ आए विपक्ष का सामना करने के लिए भाजपा छोटे दलों को साथ रखने पर विचार कर रही है.
कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे का कहना है कि इससे दोनों समुदाय एक साथ रहेंगे, यह सुनिश्चित होगा और वह अपने सुझाव के साथ योगी आदित्यनाथ सरकार से संपर्क करेंगी.
प्रधानमंत्री का कहना है कि विपक्षी दल कर्नाटक में 'एक साथ मुस्कुरा रहे हैं' लेकिन विभिन्न राज्यों में 'एक-दूसरे के खून के प्यासे' हैं, जबकि एनडीए ने विपक्ष में बैठकर भी 'सकारात्मक राजनीति' की.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.