उत्तर प्रदेश और बिहार में लोकसभा की 120 सीटें हैं. नरेंद्र मोदी की सरकार मुख्य रूप से इसी गंगा-यमुना के मैदान में बनी थी. अब यहां का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुका है.
राहुल गांधी के मोदी विरोधी अभियान से भाजपा को नुकसान तो हो सकता है मगर यह कांग्रेस की झोली में वोटों की बरसात नहीं कर सकता क्योंकि उसे अपने जनाधार का ही पता नहीं है.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.