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Thursday, 22 January, 2026
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‘अफस्पा’ पर कार्रवाई और बहस अब सुप्रीम कोर्ट में नहीं, संसद में होनी चाहिए

'अफस्पा' को लेकर भारतीय सेना का डर वास्तविक है, लेकिन यह एक ऐसी लड़ाई है जो दीवानी अदालतों में नहीं जीती जा सकती है.

जो राम मंदिर बनाने की जल्दी में हैं वे इसकी क़ानूनी पे​ची​दगी नहीं समझते

सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में कहा था कि उसका कोई भी आदेश, जो पक्षकारों पर बाध्यकारी हो, कानून बनाकर निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता.

वे कौन लोग हैं जो बाबरी मस्जिद ध्वंस को शर्म दिवस बता रहे हैं?

नब्बे के दशक में उभरा राजनीति का समाजवादी सेकुलरवाद आज लुप्तप्राय है. राष्ट्रवादी ताकतों का उभार सिर्फ सेकुलरवादी पाखंड की प्रतिक्रिया है.

एक अफसर की ज़ुबानी: कैसे उन्होंने अयोध्या को बाबरी विध्वंस के बाद उबारा

'बाबरी विध्वंस के बाद हमने वहां कानून का शासन बहाल किया, मस्जिदों की मरम्मत कराई और लोगों का ध्यान असली समस्या की ओर मोड़ने में सफलता मिली.'

बाबरी मस्जिद विध्वंस के दिन आरएसएस को क्यों याद आए आंबेडकर?

आश्चर्यजनक रूप से आरएसएस ने आज यानी छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस को याद नहीं किया. कहना मुश्किल है कि आरएसएस ने ऐसा क्यों किया?

भाजपा और आरएसएस के लिए हिंदू राष्ट्र की राह संविधान से नहीं निकलती

हिंदुत्व की मौजूदा राजनीति में राजनीतिक बहुमत की एक हिंदुत्व-अनुकूल अवधारणा विकसित किए जाने का सचेत प्रयास किया जा रहा है.

बाबरी ध्वंस ने भारत के सेक्युलर चरित्र पर ऐसी ठेस पहुंचाई कि ज़ख्म अब भी हरे हैं

आज की तारीख़ में संविधान व संवैधानिक संस्थाओं को बचाना और उसकी गरिमा को बहाल करना ही दरअसल जम्हूरियत को बचाना है.

क्या किसान-आंदोलन अब देश की राजनीति का मुख्य कथानक बन चला है?

अगर किसान-आंदोलन का नेतृत्व मुट्ठी बांधकर एकजुट रहे तो फिर वह आने वाले कुछ वक्त तक देश की राजनीति का एजेंडा तय करने की स्थिति में है.

दलितों को क्यों बनना चाहिए हनुमान मंदिरों का पुजारी?

योगी आदित्यनाथ ने हनुमान को दलित बता दिया पर क्या उनके मंदिरों के पुजारी भी दलित हो सकते हैं? इस बारे में क्या कहते हैं बाबा साहब आंबेडकर...

अपने मंत्रालय के अलावा हर चीज़ के लिए सुर्खियों में हैं मोदी के मंत्री

भाजपा नेताओं और मंत्रियों के अनियंत्रित बड़बोलेपन से नरेंद्र मोदी की उस छवि को धक्का लगता है कि उनकी अपने मंत्रियों, सरकार और संस्थाओं पर पकड़ है.

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भारतीय छात्र युद्ध क्षेत्रों में फंस रहे हैं—डॉक्टर बनाने के लिए परिवार बच्चों को कहीं भी भेज रहे हैं

मुझे उम्मीद है कि ईरान में भारतीय छात्र सुरक्षित घर लौट आएंगे. उन्होंने घर और विदेश में बहुत दुख झेला है. लेकिन एक ऐसा कल्चर जो 2026 में सिर्फ़ दो प्रोफेशन को ही स्वीकार करता है, वह इससे कुछ नहीं सीखेगा. अगली निकासी में मिलते हैं.

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पश्चिम बंगाल में लश्कर भर्ती मॉड्यूल मामले में दोषी को 10 साल कारावास की सजा

कोलकाता, 22 जनवरी (भाषा) कोलकाता में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी संगठन के लिए पश्चिम बंगाल में मुस्लिम युवाओं...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.