scorecardresearch
Saturday, 25 April, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

क्या आपको ज़ारा, अरमानी या प्रादा इस्तेमाल करने वाले दलित से समस्या है?

फिल्मकार, पत्रकार और लेखक इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं देश के 20 करोड़ दलितों में एक अच्छा-खासा मिडिल क्लास पैदा हो चुका है, जो सूअर टहलाने वाला आदमी नहीं है!

प्रधानमंत्री जी, आप ट्विटर को कुछ ज़्यादा ही समय दे रहे हैं और आपने मीडिया को गलत समझा है

मीडिया का एक बड़ा हिस्सा तहेदिल से प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करता है. और सत्ता में रहते हुए, उन्हें थोड़ी आलोचना झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए.

मरीचझापी का शाप बंगाल में लेफ्ट पार्टी के ताबूत की आखिरी कील साबित होगा

मरीचझापी कांड और कुछ नहीं बल्कि लेफ्ट राजनीतिक की गलतियों का एक नमूना है. 26 जनवरी, 1979 को अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाने के लिए नरसंहार किया गया.

प्रधानमंत्री पद के लिए मायावती क्यों हैं मजबूत दावेदार

प्रधानमंत्री पद के लिए मायावती के नाम पर सहमति बनने से देश की सबसे वंचित जातियों का भारतीय लोकतंत्र में विश्वास और दृढ़ होगा. इससे भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी.

डॉ. आंबेडकर ने इस्लाम, ईसाई या सिख धर्म की जगह बौद्ध धम्म ही क्यों अपनाया

आंबेडकर ने हिंदू धर्म छोड़ने की घोषणा 1936 में ही अपने भाषण जातिभेद का उच्छेद यानी एनिहिलेशन ऑफ कास्ट में कर दी थी लेकिन उन्होंने धर्म परिवर्तन 1956 में जाकर किया. इस बीच उन्होंने सभी धर्मों का अध्ययन किया.

देश के सबसे ‘बदज़ुबान’ प्रधानमंत्री को 23 मई को बाहर का रास्ता दिखा कर जनता अपना जवाब सुनाएगी

मणिशंकर अय्यर लिखते हैं ‘याद है कि मैंने 7 दिसंबर 2017 को उन्हें किस रूप में चित्रित किया था? क्या मेरी बात भविष्यवाणी नहीं साबित हुई?

लेफ्ट ने लोकसभा चुनाव में भाजपा और टीएमसी को हराने का आह्वान किया, लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया

बंगाल में बढ़ती बेरोजगारी और फैली अराजकता के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में सड़कों पर भाग लेते हुए शायद ही वामपंथियों को देखा गया है.

उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ रहे कुछेक मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए कारगर है वंशवाद

वंशानुगत कनेक्शन के बगैर, मुस्लिम उम्मीदवारों की सफलता के आंकड़े और भी निराशाजनक होते है.

पश्चिम बंगाल में लाल और केसरिया का मिलन क्या गुल खिलाएगा

स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे हिंसक शासन के खिलाफ असाधारण चुनाव होने जा रहे हैं . इस हालत में बहुत रणनीतिक तरीके से यानी टेक्टीकल तरीके से वोटिंग करनी होगी.

मोदी को टीवी पर राहुल से तीन गुना अधिक समय मिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समाचार चैनलों ने 722 घंटों से अधिक समय तक दिखाया गया. वहीं इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बहुत कम 252 घंटे का समय मिला.

मत-विमत

दंतेवाड़ा के कलेक्टर ओपी चौधरी ने नक्सल-प्रभावित ज़िले में शिक्षा को कैसे बढ़ावा दिया?

तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.

वीडियो

राजनीति

देश

तेलंगाना आरटीसी की हड़ताल के दौरान आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक की मौत, अनुग्रह राशि घोषित

हैदराबाद, 24 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीआरटीसी) की हड़ताल के दौरान 23 अप्रैल को दिन में आत्मदाह करने की कोशिश करने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.