भयानक गालियां देते हुए, अफसरों को नीचा दिखाते हुए और उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी देते हुए, कर्नल की बीवी बार-बार कहती रही कि वो उससे महान कोई नहीं है.
केवल कुछेक शहर और जिले ही उस तरह के कोविड के आंकड़े प्रकाशित कर रहे हैं जोकि, गृह मंत्रालय के अनुसार, राज्यों को अपने निर्णय के लिए काम में लेने चाहिए.
बेहतर देश और समाज बनाना मुश्किल तो नहीं है. लेकिन इसके लिए प्रयासों की जरूरत है. ये अपने आप नहीं हो जाएगा. कोरोना संकट ने हमारे सामने ये मौका उपस्थित कर दिया है.
महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ ठीक नहीं चल रहा है ऐसे में शरद पवार का राज्यपाल से मिलना कई संकेत दे रहा है यह रूटीन मीटिंग से अलग है. शरद पिछले तीस सालों से राजनीति में मिक्स सिग्नल देते आ रहे हैं.
लॉकडाउन की इस संकट की घड़ी में भारत के लिए हमारी सात-सूत्रीय कार्य योजना पर शेखर गुप्ता को वैचारिक मुद्दे से अलग वास्तविक सवालों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है.
मानवाधिकार आयोग ने बहुत चुनिंदा तरीक़े से नोटिस भेजे हैं, बड़े एहतियात के साथ मोदी सरकार को अपनी निगाहों से दूर रखा, और ग़रीबों को प्रशासन की उदासीनता से प्रताड़ित होने के लिए छोड़ दिया है.
‘स्टैंड विद कश्मीर’ नामक गुट अमेरिका में भारत विरोध का एक अहम मंच बना, जिसका खुला प्रतिनिधित्व वे ‘एक्सपर्ट’ शिक्षाविद कर रहे हैं जो कश्मीर के ‘आत्मनिर्णय’ जैसे मसले पर विचार-विमर्श करते रहे हैं.
भारतीयों का स्वागत करती रही दुनिया महामारी के कारण अपने दरवाज़े बंद कर सकती है. इसका असर ज़िंदगियों, विदेशों से आने वाले धन और अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा.
सीमावर्ती इलाकों में चीन की मौजूदा हरकतें देश के रक्षा मंत्री रहे दिवंगत समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडीस की उस चेतावनी की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने चीन को भारत का दुश्मन नंबर एक करार दिया था.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.